उत्तर प्रदेश

अम्बेडकरनगर में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंजा शहर

इस्कॉन मंदिर धनऊपुर के तत्वावधान में निकली भव्य रथ यात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ; भक्ति और उत्साह में डूबा शहजादपुर

Lucknow Desk : अम्बेडकरनगर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयकारों के बीच जिला मुख्यालय के शहजादपुर क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

इस्कॉन मंदिर (धनऊपुर) के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य रथ यात्रा के दौरान पूरा शहजादपुर क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में भगवान जगन्नाथ के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला। हर कोई भगवान के रथ की रस्सी खींचने और इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित दिखाई दिया।

रथ यात्रा के मार्ग पर चारों ओर श्रद्धालुओं का जनसैलाब नजर आया। हाथों में रथ की रस्सियां थामे भक्त पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान जगन्नाथ का जयघोष करते रहे। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचने से भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने रथ खींचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।

भीषण गर्मी और उमस भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। भक्त हरे रामा, हरे कृष्णा के संकीर्तन पर झूमते और नाचते हुए आगे बढ़ते रहे। वातावरण में भक्ति संगीत, जयकारों और धार्मिक उत्साह की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान जगन्नाथ की आराधना की और रथ यात्रा में सहभागिता की।

इस्कॉन मंदिर द्वारा आयोजित यह रथ यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान जगन्नाथ का स्वागत किया। लोगों ने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर रथ यात्रा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।

भगवान जगन्नाथ की इस रथ यात्रा ने अम्बेडकरनगर में धार्मिक एकता और आस्था का संदेश दिया। पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं के अनुसार यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान के प्रति समर्पण और आस्था का प्रतीक है। रथ यात्रा के समापन तक पूरा क्षेत्र जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंजता रहा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button