रायबरेली में दिनेश प्रताप सिंह का खड़गे पर तीखा हमला, बोले : कांग्रेस में संस्कारों का अभाव
प्रधानमंत्री पर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर मंत्री ने जताई कड़ी नाराजगी, कांग्रेस अध्यक्ष को बताया नाममात्र का प्रमुख, राहुल गांधी को कोर्ट से बरी किए जाने पर न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी करने से किया इनकार

Lucknow Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने खड़गे के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के बारे में बोलते समय शब्दों की मर्यादा और सम्मान का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपनी सांस्कृतिक और नैतिक मर्यादाओं से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को देश के प्रधानमंत्री के संबंध में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे राजनीतिक शिष्टाचार और सम्मान की सीमाएं टूटें।
कांग्रेस के संस्कारों पर उठाए सवाल
दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस की कार्यशैली और उसके नेताओं की बयानबाजी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पार्टी को संस्कार और भारतीय संस्कृति से दूर बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन विरोध करते समय मर्यादाओं का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने अपने बयान में परिवार और संस्कारों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। उनके इस बयान को प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी के जवाब में कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
खड़गे को बताया नाममात्र का अध्यक्ष
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने उन्हें नाममात्र का अध्यक्ष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में वास्तविक नेतृत्व गांधी-नेहरू परिवार के हाथों में है और पार्टी के अहम फैसलों में इसी परिवार की प्रमुख भूमिका रहती है।
दिनेश प्रताप सिंह के इस बयान से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस प्रतिक्रिया पर आधिकारिक जवाब मिलने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
राहुल गांधी को कोर्ट से राहत पर क्या बोले मंत्री?
राहुल गांधी को अदालत से बरी किए जाने के सवाल पर दिनेश प्रताप सिंह ने अलग रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश पर वह कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
इस तरह, जहां मंत्री ने खड़गे के बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, वहीं राहुल गांधी से जुड़े न्यायिक मामले में अदालत के फैसले पर टिप्पणी करने से परहेज किया।



