
हैदराबाद। विपक्षी INDIA गठबंधन के ‘वोट चोरी’ के आरोपों के जवाब में बीजेपी ने सोमवार, 2 नवंबर को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत कई शहरों में मार्च निकाले। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में पदयात्रा की, जबकि बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार के भागलपुर और कोलकाता में मार्च का नेतृत्व किया। कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हुए।
अमित शाह ने हैदराबाद में भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद निजाम कॉलेज से पदयात्रा शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, मार्च मोजमजाही चौराहे तक निकाला गया। शाह ने तेलंगाना में बीजेपी की सरकार बनाने की अपील की और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
नितिन नवीन ने कोलकाता में कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने INDIA गठबंधन और राहुल गांधी पर निशाना साधा। नवीन ने दावा किया कि विपक्षी दल चुनावी हार के बाद ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। कोलकाता मार्च में शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे।
बीजेपी ने दिल्ली, मुंबई और रांची में भी विरोध कार्यक्रम किए। दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों के साथ गुरुद्वारा बंगला साहिब से गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब तक न्याय मार्च निकाला गया।
SIR और मतदाता सूची को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
सभा में अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नामों की जांच जरूरी है और देश में केवल नागरिकों को ही वोट देने का अधिकार होना चाहिए। शाह ने राहुल गांधी के मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के दावे को भी चुनौती दी। ये राजनीतिक नेताओं के आरोप और दावे हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
बीजेपी के मार्च एक दिन पहले, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी की रैली के बाद आयोजित किए गए। उस रैली में राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए थे।



