उत्तर प्रदेश

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अब महामंडलेश्वर प्रत्यंगिरा गिरी भड़कीं, पूछा: क्या कथावाचकों ने सनातन धर्म को खत्म करने की सुपारी ली है?

भगवान श्रीकृष्ण पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर विवाद बढ़ा। महामंडलेश्वर मां प्रत्यंगिरा गिरी ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कथावाचकों पर सवाल उठाए

Lucknow Desk : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए उनके बयान पर शुरू हुआ विवाद अब और तूल पकड़ता जा रहा है। माफी मांगने के बावजूद विरोध के स्वर थमने के बजाय तेज हो रहे हैं। अब इस विवाद में महामंडलेश्वर मां प्रत्यंगिरा गिरी (डॉ. उदिता त्यागी) भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कथावाचकों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान ने धार्मिक और सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

‘क्या कथावाचकों ने सनातन धर्म को नष्ट करने की सुपारी ले ली है?’

महामंडलेश्वर प्रत्यंगिरा गिरी ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा कर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि योगेश्वर श्रीकृष्ण की तुलना किसी नश्वर बांसुरी वादक से करने वाले लोग भगवान राम और श्रीकृष्ण के भक्त कैसे हो सकते हैं?

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि कोई कलमे को गुरु मंत्र बता रहा है तो कोई सुदर्शन चक्रधारी योगेश्वर श्रीकृष्ण के बारे में कुछ भी बोल रहा है। उन्होंने हिंदुओं से ऐसे लोगों से सवाल पूछने की अपील भी की। उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या है धीरेंद्र शास्त्री का पूरा विवादित बयान?

दरअसल, 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करौरा में एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण का जिक्र करते हुए टिप्पणी की थी।

उन्होंने कहा था कि तुम्हारे ठाकुर दो-तीन जगह से टेढ़े हैं, जबकि हमारे वाले सीधे खड़े होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके भगवान का नाम, रूप और चाल सीधी है, जबकि दूसरे पक्ष के भगवान का नाम और रूप टेढ़ा है। उन्होंने अयोध्या और वृंदावन के धाम का उदाहरण देते हुए भी तुलना की थी।

इस बयान को भगवान श्रीकृष्ण के संदर्भ में आपत्तिजनक मानते हुए विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी भी मांगी, लेकिन इसके बाद भी प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है।

कौन हैं महामंडलेश्वर मां प्रत्यंगिरा गिरी?

महामंडलेश्वर मां प्रत्यंगिरा गिरी का पूर्व नाम डॉ. उदिता त्यागी है। वह बीजेपी महिला मोर्चा से भी जुड़ी रही हैं और महाकाली वाहिनी की राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में काम कर चुकी हैं।

इसी साल जुलाई में हरिद्वार के कनखल स्थित हरिद्वार आश्रम में आयोजित धार्मिक समारोह के दौरान जूना अखाड़े ने उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की थी। इस अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने उन्हें नया नाम ‘यति मां प्रत्यंगिरा गिरी’ दिया था।

यति नरसिंहानंद की प्रमुख शिष्या मानी जाती हैं प्रत्यंगिरा गिरी

डॉ. उदिता त्यागी को यति नरसिंहानंद गिरि की प्रमुख शिष्या माना जाता है। जुलाई में यति नरसिंहानंद ने उन्हें मुरादनगर स्थित श्री महाकाली पीठ हनुमत धाम का पीठाधीश्वर भी घोषित किया था। प्रत्यंगिरा गिरी के पास दो विषयों में पीएचडी की डिग्री है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button