उत्तर प्रदेश

अयोध्या के दीपोत्सव में रेत से दिखेगी राम की भव्यता, 50 फीट ऊंची कलाकृति पर दुनिया की नजर

अयोध्या के राम कथा पार्क के पास आकार ले रहे इस दिव्य राम दरबार को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार तैयार कर रहे हैं।

Lucknow Desk : रेत के कण-कण में राम, विशाल आकार में भक्ति और हर आकृति में आस्था की झलक… अयोध्या का दीपोत्सव इस बार सिर्फ दीपों की रोशनी से ही नहीं, बल्कि एक अद्भुत कलाकृति से भी जगमगाने जा रहा है। सरयू की रेत से भगवान श्रीराम का ऐसा भव्य दरबार तैयार किया जा रहा है, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाएगा। करीब 220 टन बालू से बन रही 50 फीट लंबी और 20 फीट ऊंची यह सैंड आर्ट दीपोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने जा रही है। इसमें भव्य राम मंदिर के साथ प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और बजरंगबली की मनमोहक आकृतियां उकेरी जा रही हैं। खास बात यह है कि इस विशाल कलाकृति को विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भी आवेदन किया गया है।

अयोध्या के राम कथा पार्क के पास आकार ले रहे इस दिव्य राम दरबार को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार तैयार कर रहे हैं। बिहार के रहने वाले मधुरेंद्र अपने सहयोगियों के साथ दिन-रात इस अनूठी कलाकृति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उनका उद्देश्य केवल रेत से विशाल आकृतियां बनाना नहीं, बल्कि कला के माध्यम से रामायण की भावभूमि, भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति की झलक दुनिया के सामने पेश करना है।

इस सैंड आर्ट के जरिए विश्व शांति, प्रेम और आपसी सद्भाव का संदेश भी दिया जाएगा। 220 टन बालू से तैयार हो रही इस कलाकृति की विशालता और बारीक कारीगरी इसे बेहद खास बना रही है। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह राम दरबार आकर्षण का बड़ा केंद्र बनने वाला है।

मधुरेंद्र कुमार की पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। वह अब तक करीब 35 हजार कलाकृतियां बना चुके हैं और जर्मनी, जापान, रूस, अमेरिका, नेपाल तथा भूटान जैसे देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्हें यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिल चुका है। भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित उनकी 50 अलग-अलग रेत प्रतिमाएं भी उनकी कलात्मक प्रतिभा की मिसाल हैं।

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