
बठिंडा, पंजाब। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी के एक बयान से विवाद खड़ा हो सकता है। बठिंडा के रामपुराफूल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब के ज्यादातर पंडितों की संस्कृत पर मजबूत पकड़ नहीं है। उनके मुताबिक, इसी वजह से कई मंदिरों में दूसरे राज्यों से पुजारी बुलाने पड़ते हैं।
पंजाब के पंडितों की संस्कृत कमजोर: चरणजीत सिंह चन्नी
चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसी यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां श्रीरामायण और श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन केंद्र होंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे संस्कृत के अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा और मंदिरों में बाहर से पुजारी बुलाने की जरूरत कम हो सकती है।
कांग्रेस सरकार बनने पर यूनिवर्सिटी का काम शुरू करने का दावा
चरणजीत सिंह चन्नी सोमवार को रामपुराफूल में पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के स्थानीय कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित श्रीरामायण पाठ के भोग में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उनकी अगुआई वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस दिशा में कदम नहीं उठाया। चन्नी के अनुसार, चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
कानून-व्यवस्था को लेकर AAP सरकार पर निशाना
चन्नी ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे, गैंगस्टरवाद और गुंडागर्दी का बोलबाला है। उनका कहना था कि लोगों को बाहर निकलने में डर लगने लगा है और फिरौती न देने पर घरों या दुकानों पर गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं।
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है। चुनावी तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं।



