Mallikarjun Kharge : स्टेज के शुद्धिकरण पर संसद में गरमाई सियासत, बीजेपी ने जांच का भरोसा दिया
खड़गे ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा, नड्डा ने जताया खेद,उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे दलित समाज से आते हैं और इस तरह की घटना उन्हें दुख पहुंचाती है।

Lucknow Desk : उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर सियासत तेज हो गई है। यह मामला अब संसद तक पहुंच गया, जहां खड़गे ने राज्यसभा में इस घटना का जिक्र करते हुए अपना दर्द जाहिर किया। उन्होंने कहा कि एक दलित नेता के कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल किए गए मंच को उनके जाने के बाद शुद्ध किया गया। खड़गे ने इस घटना को अपने सम्मान से जोड़ते हुए सदन में सवाल उठाया।
खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि अगर किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में किसी नेता के आने के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाता है, तो यह केवल उनका अपमान नहीं बल्कि सामाजिक बराबरी की भावना पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे दलित समाज से आते हैं और इस तरह की घटना उन्हें दुख पहुंचाती है।
मामला सामने आने के बाद राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस सांसदों ने घटना पर नाराजगी जाहिर की और सरकार से कार्रवाई की मांग की। सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी। विपक्ष का कहना था कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस दौरान राज्यसभा में मौजूद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खड़गे की बात पर खेद जताया। नड्डा ने कहा कि अगर इस तरह की घटना हुई है तो यह गंभीर विषय है और भारतीय जनता पार्टी इसकी जांच कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति का अपमान नहीं होना चाहिए।
इस पूरे विवाद की शुरुआत हल्द्वानी में हुए एक कार्यक्रम से हुई। आरोप है कि खड़गे के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उनके लिए बनाए गए मंच का कथित तौर पर धार्मिक तरीके से शुद्धिकरण किया गया। घटना का वीडियो और इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई। कांग्रेस ने इसे दलित समाज और खड़गे के अपमान से जोड़कर बीजेपी पर निशाना साधा।
वहीं, बीजेपी की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है। पार्टी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मंच के शुद्धिकरण की घटना किसके निर्देश पर हुई और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
राज्यसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद एक बार फिर जाति और सामाजिक समानता से जुड़े सवाल संसद के केंद्र में आ गए हैं। खड़गे ने सदन में अपनी बात रखते हुए जिस तरह घटना पर नाराजगी और दुख जाहिर किया, उससे साफ है कि कांग्रेस इसे गंभीर राजनीतिक मुद्दे के तौर पर देख रही है



