यूपी में कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को मिलेगी राहत, 5 साल की सेवा पर प्रधानाध्यापक वाला वेतन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के बीएसए को दिए पात्र शिक्षकों की जांच के निर्देश, याचिका दाखिल करने से तीन साल पहले तक मिलेगा एरियर

Lucknow Desk:आज यूपी में कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के वेतन को लेकर अहम फैसला लिया गया है। तय शर्तें पूरी करने वाले और पांच साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के पद के हिसाब से वेतन दिया जाएगा। यह सुविधा उन शिक्षकों को मिलेगी, जो स्कूल में इस पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं और अपने हक के लिए अदालत पहुंचे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी किए हैं। बीएसए को शिक्षकों की पात्रता की जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं।
दरअसल, प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2016 से प्रधानाध्यापकों के पदों पर पदोन्नति नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पद खाली हैं। ऐसे में वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी दी गई है। हाईकोर्ट ने मई 2025 में पात्र शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद का वेतन देने का आदेश दिया था।
निर्देशों के अनुसार, पात्र शिक्षकों को याचिका दाखिल करने की तारीख से अधिकतम तीन साल पहले तक का एरियर भी मिल सकेगा। प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को ही सौंपी जाएगी। इससे पात्र शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।



