बदायूं पहुंचे अखिलेश यादव, संसद से लेकर छात्र आंदोलन और नाम बदलने के मुद्दे पर बोले
संसद की बहस, वाराणसी की रैली और छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर साधा निशाना।

Lucknow Desk : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार को बदायूं पहुंचे। वह सपा के पूर्व विधायक ओमकार सिंह के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।
संसद में हुई बहस का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर चर्चा हुई, लेकिन उनकी बात पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन सरकार बच गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा मंत्री की बात तो सुन ली, लेकिन गृहमंत्री की बात नहीं सुनी।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों ने लाठी चलाई, गोली चलाई और पेलेट गन का इस्तेमाल किया, उन्हें पता है कि यह सब किसके आदेश पर हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी चाहिए। उनका कहना था कि पहले सरकार लोगों की बात नहीं सुनती थी, अब अपनी बात सुनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शायद उन्हें अभी भी जनता का संदेश समझ में नहीं आया है। उन्होंने वाराणसी की एक रैली का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कुर्सियां खाली पड़ी थीं, जिससे जनता का रुख साफ दिखाई देता है।
भदोही का नाम बदलने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थान का नाम संत रविदास के नाम पर रखा जाता है तो यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि केवल नाम बदल देने से कुछ नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि संत रविदास के विचारों और उनके बताए रास्ते पर भी चला जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल नाम बदलने का काम कर रही है, लेकिन महापुरुषों के विचारों को अपनाने का प्रयास नहीं कर रही।
उन्होंने कन्नौज का भी उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी नाम बदला गया, लेकिन बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों पर काम नहीं किया जा रहा है। छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना और बल प्रयोग करना सही नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान छात्राओं के साथ भी गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहन-बेटियों ने ऐसे व्यवहार का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देना शुरू कर दिया है और जनता सब कुछ देख रही है।



