उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर हमला, विकास यादव को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना

सपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि विकास यादव घर पर बुलडोजर चलने के डर से सामने आने में घबरा रहे थे।

Lucknow Desk : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। अपने बयानों के जरिए वह दोनों को घेरते हुए तंज कस रहे हैं। शुक्रवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने विकास यादव को सामने लाकर एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विकास यादव यहां आने से डर रहे थे, क्योंकि उन्हें अपने घर पर बुलडोजर चलाए जाने का डर सता रहा था।

अखिलेश यादव लगातार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि आजमगढ़ के विकास यादव नाम के एक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में 10 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है। इसी मुद्दे को लेकर वह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकास यादव को सामने लाते हुए कहा कि वह यहां आने से डर रहे थे। उन्होंने बताया कि विकास यादव भाजपा का विरोध जताने के लिए काली शर्ट पहनकर आए हैं, जिसके लिए उन्होंने उनका धन्यवाद भी किया। अखिलेश यादव के मुताबिक, विकास यादव को डर था कि उनका घर गिरा दिया जाएगा। इस पर उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है, अगर उनका घर गिराया गया तो वह उनके लिए नया घर बनवाएंगे।

अखिलेश यादव ने दावा किया कि विकास यादव का नाम मतदाता सूची में 10 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में SIR का क्या औचित्य रह जाता है। सपा अध्यक्ष ने विकास यादव को सीधा-सादा और पढ़ा-लिखा युवक बताते हुए आरोप लगाया कि उसके नाम का इस्तेमाल कर वोटों में धांधली की तैयारी की जा रही है।

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जब चुनाव में हार की स्थिति में पहुंचती है, तो बेईमानी करने लगती है। सपा अध्यक्ष ने पूछा कि जब मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पहले ही हो चुका है, तो विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के बाद भी भाजपा संतुष्ट नहीं है और मतदाता सूची में हेरफेर करना चाहती है।

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