अमरोहा का ‘एक दूल्हा-तीन दुल्हन’ मामला निकला फर्जी, सोशल मीडिया प्रैंक था वायरल शादी का वीडियो
नाबालिग होने की आशंका पर शुरू हुई जांच, CWC के सामने पूछताछ में सामने आया पूरा सच

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में चर्चित हुआ ‘एक दूल्हा-तीन दुल्हन’ मामला आखिरकार फर्जी निकला है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए शादी के वीडियो को लेकर कई दिनों से चर्चा चल रही थी, लेकिन अब बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश हुईं तीनों युवतियों ने साफ कर दिया कि यह कोई वास्तविक शादी नहीं थी, बल्कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए बनाया गया एक प्रैंक वीडियो था।
पूछताछ के दौरान तीनों बहनों ने बताया कि वे सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाती हैं। उन्होंने 17 जुलाई को मनोरंजन और अधिक व्यूज पाने के उद्देश्य से यह वीडियो तैयार किया था। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।
युवतियों ने बताया कि लगातार बढ़ते विवाद और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बाद उन्होंने पहले वीडियो को सही साबित करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्होंने पूरी सच्चाई सामने रखने का फैसला किया। उन्होंने बाल कल्याण समिति के सामने स्वीकार किया कि वीडियो में दिखाई गई शादी असली नहीं थी और पूरा घटनाक्रम केवल एक मजाक के तौर पर बनाया गया था।
तीनों युवतियों ने कहा कि उन्हें इस प्रैंक को इतना आगे नहीं बढ़ाना चाहिए था। उन्होंने माना कि शुरुआत में ही सच्चाई बता देनी चाहिए थी। अब उन्हें अपने इस कदम पर पछतावा है।
गौरतलब है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने हसनपुर पुलिस को नोटिस जारी किया था। वीडियो में शामिल एक युवती के नाबालिग होने की आशंका के चलते मामले की जांच शुरू की गई थी। इसके बाद सोमवार को तीनों युवतियां बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आया कि न तो कोई वास्तविक शादी हुई थी और न ही वीडियो में दिखाया गया घटनाक्रम सच था। तीनों बहनों के बयान के बाद ‘एक दूल्हा-तीन दुल्हन’ का मामला पूरी तरह फर्जी साबित हो गया है।
यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट और उसके प्रभाव को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की सामग्री साझा करने से पहले उसकी गंभीरता और संभावित परिणामों को समझना जरूरी है।



