Ayodhya Deepotsav 2026: राम मंदिर में जलेंगे 1 लाख दीप, 5 जोन में बंटी तैयारी
अयोध्या दीपोत्सव 2026 में श्रीराम जन्मभूमि परिसर एक लाख दीपों से जगमगाएगा। 1000 कार्यकर्ता संभालेंगे जिम्मेदारी, पांच जोन में तैयारियां

Lucknow Desk : रामनगरी अयोध्या में इस बार दीपोत्सव की रौनक सिर्फ सरयू घाटों तक सीमित नहीं रहेगी। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर भी एक लाख दीपों की रोशनी से जगमगाने की तैयारी में है। दीपोत्सव के दसवें वर्ष को यादगार बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत पूरे मंदिर परिसर को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है। करीब एक हजार कार्यकर्ता दीप जलाने की व्यवस्था संभालेंगे, जबकि कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का सहयोग भी लिया जाएगा।
पांच हिस्सों में बांटा गया मंदिर परिसर, हर जोन की अलग जिम्मेदारी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आयोजित बैठक में दीपोत्सव की तैयारियों और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत योजना बनाई गई। बैठक यात्री सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में हुई, जिसमें आयोजन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले और श्री जगन्नाथ गुलवे ने कार्यकर्ताओं को आयोजन की रूपरेखा समझाई।
योजना के अनुसार, मंदिर परिसर को पांच जोन में बांटकर प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग प्रभारी नियुक्त किया गया है। अगले पांच दिनों के भीतर दीप सजावट और प्रज्ज्वलन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रीरामलला के मंदिर का विशेष अलंकरण पहले ही किया जा चुका है।
पहले जोन में रामलला मंदिर के आसपास जलेंगे 30 हजार से ज्यादा दीप
पहले जोन में मुख्य श्रीरामलला मंदिर को शामिल किया गया है। इसकी जिम्मेदारी अर्चक प्रमुख आचार्य केशव जी को दी गई है।
इस क्षेत्र में मंदिर प्रांगण, परकोटा, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला सहित विभिन्न स्थानों पर 30 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। मंदिर परिसर का यह हिस्सा दीपोत्सव की प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगा।
कुबेर टीला और सप्तमंडप भी रोशनी से होंगे जगमग
दूसरे जोन में कुबेर टीला और सप्तमंडप के साथ शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक तथा पंचवटी जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल किए गए हैं।
यहां दीप प्रज्ज्वलन की जिम्मेदारी चन्द्रन क्षितिज और उनकी टीम को सौंपी गई है। इस जोन में भी 30 हजार से अधिक दीप जलाने की योजना है।
दर्शन मार्ग और यात्री सुविधा केंद्र पर भी होगी खास सजावट
तीसरे जोन में वापसी दर्शन मार्ग, यात्री सुविधा केंद्र, पीएफसी प्लाजा और नल टीला को शामिल किया गया है। यहां पीपी मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता 14 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करेंगे।
वहीं, चौथे जोन में यात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य द्वार सहित आसपास के क्षेत्र शामिल रहेंगे। इस हिस्से में 13 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी कैप्टन जेपी द्विवेदी (सेवानिवृत्त) और उनकी टीम को दी गई है।
श्रीरामजन्मभूमि पथ से सिंह द्वार तक दीपों की सजावट
पांचवें जोन में श्रीरामजन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका क्षेत्र को शामिल किया गया है।
यहां नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम करीब 13 हजार दीप प्रज्ज्वलित करेगी। इस जोन में व्यवस्था संभालने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का सहयोग भी लिया जाएगा।
इस तरह पांचों जोन में एक लाख से अधिक दीपों की व्यवस्था की जाएगी और पूरे श्रीराम जन्मभूमि परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाने की तैयारी है।
दीपोत्सव के दस साल पूरे होने पर अयोध्या को वैश्विक पहचान देने की तैयारी
ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह के अनुसार, दीपोत्सव से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
उनका कहना है कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह दीपोत्सव अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में एक लाख दीप जलाने की योजना इस आयोजन को एक अलग पहचान देने की तैयारी का हिस्सा है।
अब अगले पांच दिनों में परिसर की सजावट, दीपों की व्यवस्था और कार्यकर्ताओं की तैनाती से जुड़े बाकी काम पूरे किए जाएंगे। इसके बाद रामनगरी में दीपोत्सव की भव्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।



