Bareilly : BLO नफीस खां सस्पेंड, 26 हिंदू मतदाताओं के नाम काटने का आरोप
बरेली के मोहम्मदपुर में 26 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप। BLO नफीस खां निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश।

Lucknow Desk : वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला अब उत्तर प्रदेश के बरेली तक पहुंच गया है। शेरगढ़ ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत में 26 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोपों के घेरे में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रहा बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) है। ग्रामीणों की शिकायत और प्रशासनिक जांच के बाद सहायक अध्यापक नफीस खां को निलंबित कर दिया गया है। मामले में जिलाधिकारी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच पूरी करने और गड़बड़ी जानबूझकर किए जाने पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पूर्व प्रधान से मिलीभगत कर नाम हटाने का आरोप
मामला शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर का है। यहां कंपोजिट स्कूल में सहायक अध्यापक नफीस खां BLO की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। गांव के वर्तमान प्रधान राहुल गंगवार ने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि BLO ने पूर्व प्रधान रेहान खां के साथ मिलकर हिंदू समुदाय के 26 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवा दिए। शिकायत में इस कार्रवाई के पीछे सांप्रदायिक दुर्भावना होने की आशंका भी जताई गई। कई ग्रामीणों ने शपथ पत्र देकर प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी।
जांच में नहीं दे सके नाम काटने का ठोस कारण
शिकायत मिलने के बाद SDM और BDO स्तर पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी ने BLO से हटाए गए 26 नामों के संबंध में स्पष्टीकरण और दस्तावेज मांगे।
जांच के दौरान नफीस खां की ओर से नाम हटाने के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य या वैध कारण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया नियमों के उल्लंघन की बात सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें मीरगंज ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल सहसा से संबद्ध किया गया है।
15 दिन में आरोप पत्र और जांच रिपोर्ट का आदेश
शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए फतेहगंज पश्चिमी के खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार को जांच अधिकारी बनाया गया है।
उन्हें निर्देश दिया गया है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र तैयार कर बीएसए से अनुमोदन प्राप्त करें और 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपें।
जानबूझकर नाम काटे गए तो होगी कड़ी कार्रवाई: DM
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मामला आगामी ग्राम प्रधान चुनाव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। शिकायत मिलते ही प्रशासन ने जांच कराई और एसडीएम की रिपोर्ट चुनाव कार्यालय तथा बेसिक शिक्षा विभाग को भेजी गई।
डीएम के मुताबिक, जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए गए थे या इसके पीछे कोई तकनीकी गलती थी। यदि साजिश या दुर्भावना के तहत नाम काटने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने साफ किया कि मतदाता सूची की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले में विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई जारी है।



