नमो घाट पर गूंजेगी भारतीय वायु सेना की गर्जना, गंगा के ऊपर दिखेगा 100 विमानों का शौर्य
‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर होगा भव्य हवाई प्रदर्शन, राफेल, सुखोई, तेजस और सूर्यकिरण टीम रहेंगी आकर्षण का केंद्र

Lucknow Desk : भारतीय वायु सेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर हवाई प्रदर्शन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर आधारित यह भव्य आयोजन गंगा के ऊपर भारतीय वायु सेना की वायु एवं अंतरिक्ष शक्ति, परिचालन क्षमता और वायु योद्धाओं के कौशल का प्रदर्शन करेगा। इसमें कुल 100 विमान हिस्सा लेंगे। यह आयोजन युवाओं को भारतीय वायु सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायु सेना की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा। हवाई प्रदर्शन में कुल 25 विमानों के फॉर्मेशन शामिल होंगे।
इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं। देश के 12 वायु अड्डों से विमान इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए उड़ान भरेंगे। इनमें चेन्नई के निकट स्थित नौसैनिक अड्डा अरक्कोणम भी शामिल है। भारतीय वायु सेना के गरुड़ विशेष बल भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस अपनी क्षमता दिखाएंगे। हेलीकॉप्टर बेड़े में एलसीएच, अपाचे, चिनूक, एमआई-17 वी5, एएलएच और चेतक जैसे विमान शामिल होंगे। इसके अलावा सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130, सी-295, एएन-32, पी-8आई और आईएल-78 जैसे विमानों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।
तिरंगे के रंगों से सजेगा गंगा का आसमान
प्रदर्शन के दौरान ‘काशी’ फॉर्मेशन में तीन किरण विमान विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार में उड़ान भरते हुए गंगा के ऊपर तिरंगे के रंग बिखेरेंगे। ‘केदार’ फॉर्मेशन में राफेल विमान कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाएगा, जबकि ‘हनुमान’ कॉलसाइन के तहत सुखोई-30 एमकेआई विमान अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करेगा। इसके बाद ‘सारनाथ’ फॉर्मेशन में ऐतिहासिक हार्वर्ड विमान हवाई करतब दिखाएगा। ‘ओंकार’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायु सेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके बाद ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों के जरिए पुष्पवर्षा की जाएगी। ‘वरुणा’ फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना और थल सेना के एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टरों के साथ रस्सी के सहारे जवानों को नीचे उतारने का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
तीनों सेनाओं के समन्वय की दिखेगी झलक
‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में भारतीय नौसेना के कामोव-31 तथा वायु सेना और थल सेना के एएलएच मार्क III हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। वहीं, ‘भागीरथी’ फॉर्मेशन में स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और अपाचे हेलीकॉप्टरों की क्षमता प्रदर्शित की जाएगी। ‘अलकनंदा’ में चिनूक और एएलएच मार्क IV हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। ‘विश्वनाथ’, ‘पशुपति’ और ‘नीलकंठ’ फॉर्मेशन में क्रमशः सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और राफेल विमानों का प्रदर्शन होगा। छह लड़ाकू विमानों का ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन भारतीय वायु सेना की युद्ध क्षमता, तत्परता और सटीक प्रहार क्षमता को प्रदर्शित करेगा। इसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रदर्शित वायु शक्ति को समर्पित बताया गया है। स्वदेशी तेजस विमान ‘अस्सी’ कॉलसाइन के साथ कम ऊंचाई पर एरोबेटिक करतब दिखाएगा। वहीं, ‘दशाश्व’ फॉर्मेशन में सी-17 ग्लोबमास्टर नौ सूर्यकिरण हॉक विमानों का नेतृत्व करेगा। इसके बाद सूर्यकिरण टीम अपना एरोबेटिक प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।
गंगा के ऊपर विमानों की गर्जना, सटीक फॉर्मेशन और रोमांचक हवाई करतब वाराणसी के लोगों के लिए एक दुर्लभ नजारा होंगे। यह आयोजन भारतीय वायु सेना की पेशेवर दक्षता, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और देश की रक्षा के प्रति समर्पण को प्रदर्शित करेगा।



