फ्रांस के दंगों से 'दिल्ली प्रदर्शन' को जोड़ने पर भाजपा ने कांग्रेस ने लताड़ा, कहा- राहुल गांधी देश में अराजकता फैला रहें
BJP slams rahul gandhi for linking Delhi protests to riots in France

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विदेशी संगठनों के साथ कथित संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठन भारत में विरोध-प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भाटिया ने प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल और फ्रांस स्थित इंडियन अलायंस पेरिस का नाम लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटिया ने राहुल गांधी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और कांग्रेस नेतृत्व के अंतरराष्ट्रीय समूहों से संपर्क, उनकी गतिविधियों, फंडिंग और भारत में प्रदर्शनों के बीच संभावित संबंधों की जांच की मांग की। ये आरोप भाटिया के हैं; प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश सामग्री से भारत में प्रदर्शनों को प्रभावित करने की किसी सुनियोजित कोशिश की पुष्टि नहीं होती।
विदेशी संगठनों पर क्या आरोप लगाए?
भाटिया ने फॉक्स न्यूज डिजिटल की एक रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नौ देशों में 101 संगठन प्रदर्शनों के आयोजन, समन्वय या प्रचार में शामिल हैं। इसमें प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल और इंडियन अलायंस पेरिस का भी जिक्र है।
भाटिया ने आरोप लगाया कि इंडियन अलायंस पेरिस ने राहुल गांधी की हिरासत से जुड़े वीडियो साझा किए और विरोध-प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट को बढ़ावा दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसे संगठनों की गतिविधियां भारत के आंतरिक राजनीतिक मामलों से जुड़े नैरेटिव को प्रभावित करने की कोशिश हैं।
उन्होंने प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल को अंतरराष्ट्रीय पूंजीवाद-विरोधी संगठन बताते हुए फ्रांस, स्पेन, अल्बानिया और भारत में हुए विरोध-प्रदर्शनों को एक-दूसरे से जुड़ा बताया। हालांकि, उनके द्वारा पेश की गई सामग्री से इन घटनाओं के बीच किसी संगठित संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
कांग्रेस के सोशल मीडिया पोस्ट का भी किया जिक्र
भाटिया ने कांग्रेस के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें अप्रैल 2025 में नई दिल्ली के 10 जनपथ पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की एक संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात का जिक्र था। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि बैठक में क्या चर्चा हुई और क्या किसी तरह का समझौता हुआ।
बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी और कांग्रेस से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि संबंधित संगठनों को फंडिंग कहां से मिलती है और क्या उनके विदेशी व्यक्तियों या संस्थाओं से संबंध हैं।
विरोध और हिंसा में अंतर पर दिया जोर
भाटिया ने कहा कि विरोध करना मौलिक अधिकार है, लेकिन तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा को इसका हिस्सा नहीं माना जा सकता। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रदर्शनकारियों के नारों और अल्बानिया में हुए प्रदर्शनों पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की सोशल मीडिया पोस्ट का भी उल्लेख किया। भाटिया ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिशों से जुड़ी हैं।
उन्होंने ब्रिटिश सांसद जेरेमी कॉर्बिन और अमेरिकी कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर के साथ राहुल गांधी की मुलाकातों पर भी सवाल उठाए। भाटिया ने आरोप लगाया कि कश्मीर पर इन नेताओं का रुख भारत के हितों के खिलाफ है। ये सभी दावे बीजेपी प्रवक्ता के आरोप हैं; उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
फॉक्स न्यूज डिजिटल की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
‘Global Chaos Inc Grows to 101 Groups’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में 28 कम्युनिस्ट और समाजवादी युवा संगठनों के एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का जिक्र है। रिपोर्ट का दावा है कि यह नेटवर्क यूरोप में छात्रों को संगठित कर हड़तालों और प्रदर्शनों को बढ़ावा देता है और अमेरिका, ब्रिटेन, ग्रीस, ब्राजील तथा भारत तक फैला हुआ है।
रिपोर्ट में नेविल रॉय सिंघम नेटवर्क और इंडियन अलायंस पेरिस का भी उल्लेख किया गया है। इसमें आरोप है कि इन समूहों ने फ्रांस के प्रदर्शनों को सोशल मीडिया पर बढ़ावा दिया और उनकी तुलना भारत में हुए छात्र-प्रदर्शनों से की। हालांकि, रिपोर्ट में किए गए दावों और भारत में विरोध-प्रदर्शनों पर किसी कथित प्रभाव की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।



