UP : बच्चों की सेहत पर सरकार का फोकस, स्कूलों में पहुंचेगी सुरक्षा की नई पहल
योगी सरकार की पहल, डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी, खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए स्कूलों में होगा टीकाकरण

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए अगस्त महीने में दो विशेष टीकाकरण अभियान चलाए जाएंगे। इन अभियानों के जरिए बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए सुरक्षा कवच दिया जाएगा।
पहला अभियान 3 अगस्त से 7 अगस्त तक चलाया जाएगा, जिसमें टीडी और टीडीएपी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके बाद दूसरा अभियान 18 अगस्त से 28 अगस्त तक संचालित होगा, जिसमें एमआर यानी मीजल्स-रूबेला का टीकाकरण किया जाएगा। इन अभियानों के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के परिषदीय विद्यालयों, सहायता प्राप्त स्कूलों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले पात्र बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग मिलकर इस अभियान को सफल बनाने के लिए काम करेंगे। दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए जिला स्तर पर योजना तैयार की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि स्कूलों के माध्यम से बच्चों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
पहले चरण में टीडी और टीडीएपी टीकाकरण
पहले चरण में 3, 4, 6 और 7 अगस्त को टीडी/टीडीएपी अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान 5 से 6 वर्ष, 10 वर्ष और 16 वर्ष की आयु वाले बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार टीके की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखना है। स्कूलों में टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें एक बार में 50 से 75 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान शुरू होने से पहले राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही स्कूलों में बच्चों की सूची तैयार कर टीकाकरण की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
दूसरे चरण में खसरा और रूबेला से बचाव
18 अगस्त से 28 अगस्त तक एमआर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मीजल्स-रूबेला वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों को नियंत्रित करना है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में अधिक से अधिक बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। हर दिन स्कूलों में 100 से 125 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्कूलों में होगी विशेष तैयारी
टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्कूल में एक नोडल शिक्षक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। शिक्षक, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिलकर पात्र बच्चों की सूची तैयार करेंगे।
अभिभावकों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में प्रार्थना सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से लोगों को टीकाकरण के फायदे बताए जाएंगे।
डिजिटल माध्यम से होगी निगरानी
अभियान की पूरी प्रक्रिया की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाएगी। राज्य और जिला स्तर पर टीकाकरण की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी। सभी जानकारियां निर्धारित पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान के दौरान टीकाकरण की गुणवत्ता और छूटे हुए बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र बच्चे को समय पर टीका मिले और उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान की जा सके।
लेखक : अजीत प्रताप सिंह
स्वतंत्र पत्रकार
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