राहुल गांधी की संपत्ति मामले पर वकील पर बरसे CJI, बोले- क्या खबर बनवाने के लिए दायर की याचिका?
CJI lashes out at lawyer over Rahul Gandhi assets case

नई दिल्ली। राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले का मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जिक्र हुआ। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले को उठाने वाले वकील को फटकार लगाई। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि मामले को उठाने के पीछे कोई स्पष्ट आधार नजर नहीं आता। उन्होंने वकील से पूछा कि क्या वह खबर बनाने के इरादे से आए हैं और आवेदन को सिर-पैर से रहित बताया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वकील ने राहुल गांधी के एक हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने 200 ईडी और सीबीआई अधिकारियों के संपर्क में होने की बात कही थी।
कैमरा बंद करने का मौखिक निर्देश
CJI ने कोर्ट स्टाफ से मौखिक रूप से कहा कि अगर कोई वकील इस तरह मामले का जिक्र करे, तो उस दौरान कैमरा बंद कर दिया जाए। रिपोर्टों में इसे कोर्ट की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग रोकने का निर्देश बताया गया है।
यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट से जुड़ा
यह मामला कर्नाटक निवासी एस. विग्नेश शिशिर की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की गई थी। याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाई कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई थी और सीबीआई तथा ईडी को हाई कोर्ट में इससे संबंधित रिपोर्ट दाखिल न करने का निर्देश दिया
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश के तहत हाई कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट दाखिल करने पर रोक जारी है। मंगलवार की सुनवाई में वकील द्वारा मामले का जिक्र किए जाने पर CJI ने उसकी मंशा और आवेदन के आधार पर सवाल उठाए।



