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‘मैं उनकी ऑर्डर फॉलो कर रहा था..’, CJP ने प्रोटेस्ट रोका, अभिजीत दीपके ने बताया असली लीडर कौन?

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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने फिलहाल रोक लगा दी है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास के जेल जाने के बाद उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे युवाओं से त्योहार के दौरान अपने परिवारों के साथ समय बिताने की अपील की।

‘कॉकरोचों’ के नाम जारी वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि वे प्रदर्शन के असली नेता नहीं हैं। उनके मुताबिक, आंदोलन को आगे बढ़ाने में आशुतोष रांका और सौरभ दास की बड़ी भूमिका रही है और वे उनके निर्देशों का पालन कर रहे थे।

दीपके ने कहा, “बाहर से लग रहा होगा कि मैं लीडर हूं, लेकिन ऐसा नहीं था। आशुतोष और सौरभ मुझे बताते थे कि क्या करना है और मैं उनकी बात मानता था।” दोनों के जेल जाने का जिक्र करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार मुश्किल वक्त में भी मजबूती से साथ खड़े हैं और उन्होंने दीपके का हौसला बढ़ाया है।

प्रदर्शनकारियों से परिवार के साथ समय बिताने की अपील

दीपके ने प्रदर्शनकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि आंदोलन के दौरान मुश्किलें आएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई और उन्हें फंसाने की कोशिश की गई। साथ ही, उन्होंने युवाओं से कुछ समय के लिए प्रदर्शन से दूर रहकर अपने परिवारों के साथ रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आंदोलन नफरत के खिलाफ है और प्रदर्शनकारियों को ध्यान रखना चाहिए कि वह नफरत उनके भीतर न आए। आशुतोष और सौरभ के बारे में उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने पर वे उसी मुस्कान के साथ लौटेंगे।

न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ी

अभिजीत दीपके का संदेश ऐसे समय आया है जब आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की बात भी कही गई है।

दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नारेबाजी और राष्ट्रीय ध्वज फहराने की घटना के बाद हिरासत में लिया गया था। उनके साथ सीजेपी के अन्य सदस्य भी थे। आंजिक्य शिंदे को बाद में निजी मुचलके पर रिहा किया गया और छह महीने तक शांति व अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त लगाई गई।

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