Unnao : कांवड़ यात्रा से पहले ढाबों पर खाद्य विभाग की छापेमारी, एक ही बर्तन में बन रहा था शाकाहारी और मांसाहारी भोजन
हाईवे के ढाबों और रेस्टोरेंटों की जांच, कई अनियमितताएं मिलने पर सैंपल लिए गए और नोटिस जारी

Lucknow Desk : श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को देखते हुए उन्नाव में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने हाईवे किनारे स्थित ढाबों और रेस्टोरेंटों पर सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जहां साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। जांच में एक ढाबे पर गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद उसका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) प्रियंका सिंह के नेतृत्व में की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित जनता ढाबे का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पता चला कि ढाबे में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन अलग-अलग बर्तनों में तैयार नहीं किया जा रहा था। दोनों प्रकार का भोजन एक ही बर्तन में बनाया जा रहा था, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत है।
निरीक्षण के दौरान रसोई की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए ढाबे का संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। साथ ही जांच के लिए पनीर, बेसन और चायपत्ती के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान सिंगरौसी मोड़ स्थित मैसर्स फैमिली ढाबा एंड रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। यहां से भी पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि सॉस में पनीर मिलाकर ग्राहकों को परोसा जा रहा था। इसके अलावा प्रतिष्ठान पर रेट लिस्ट और खाद्य पंजीकरण प्रमाणपत्र भी प्रदर्शित नहीं मिले, जो नियमों का उल्लंघन माना गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी करते हुए सभी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाईवे के ढाबों और होटलों पर भोजन करते हैं। ऐसे में यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक जिले के होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाएगी। यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।



