कांवड़ यात्रा पर मंडलायुक्त की पैनी नजर, लहरा गंगा घाट पर औचक निरीक्षण
श्रद्धालुओं से बातचीत कर जाना सुविधाओं का हाल, अधिकारियों को सुरक्षा और सतर्कता के दिए सख्त निर्देश

Lucknow Desk : पौराणिक तीर्थ स्थल सोरों शूकर क्षेत्र स्थित लहरा गंगा घाट पर मंडलायुक्त संगीता सिंह ने औचक निरीक्षण कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पूरी सतर्कता, मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने घाट पर पहुंचकर साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आवश्यक इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली और जहां जरूरत महसूस हुई, वहां व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा जल लेने पहुंचते हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मंडलायुक्त संगीता सिंह ने गंगा जल भरने पहुंचे कांवड़ियों से भी बातचीत की। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के अनुभव, घाट पर उपलब्ध सुविधाओं, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। श्रद्धालुओं से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने सभी कांवड़ियों को सुरक्षित, सुखद और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने लहरा गंगा घाट पर तैनात गोताखोरों और सुरक्षाकर्मियों से भी संवाद किया। उन्होंने गोताखोरों को हर समय पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना मिले तो बिना देरी किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी मंडलायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाट और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी समस्या की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि घाट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय सुचारु रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने मंडलायुक्त को सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय गोताखोरों के साथ एनडीआरएफ (NDRF) की दो यूनिट भी तैनात की गई हैं। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार घाट और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं और हर स्थिति से निपटने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी तरह तैयार हैं।
मंडलायुक्त ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करें।



