Basti News : जनसुनवाई में डीएम कृत्तिका ज्योत्सना का बड़ा निर्देश, अब मौके पर जाकर होगी शिकायतों की सुनवाई
जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण को लेकर डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, शिकायतों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के आदेश।

Lucknow Desk : आम लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान हो और उन्हें सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए बस्ती की जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अब शिकायतों का निस्तारण सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर पीड़ित को समय पर न्याय और राहत मिले। इसके लिए जरूरी है कि संबंधित अधिकारी खुद मौके पर जाएं, शिकायत की सही स्थिति देखें और उसी आधार पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि बिना जांच के शिकायतों का निस्तारण दिखाना या लापरवाही करना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जनसुनवाई के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लें और उन्हें लंबे समय तक लंबित न रखें। उन्होंने कहा कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है या शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी की जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृत्तिका ज्योत्सना ने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और अन्य विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का भ्रमण करें। गांवों और कस्बों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनें और जहां संभव हो, वहीं उनका समाधान करें। इससे लोगों का समय भी बचेगा और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ और प्रशासनिक राहत समय पर पहुंचे। इसलिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाए। जनता की शिकायतों को बोझ नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझकर उनका समाधान करें।
डीएम के इस निर्देश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि राजस्व, पुलिस, विकास और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी। मौके पर जांच होने से शिकायतों का सही और निष्पक्ष समाधान होगा, जिससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
जनसुनवाई में आए लोगों ने भी जिलाधिकारी के इस फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि यदि अधिकारी वास्तव में गांव और मोहल्लों में पहुंचकर समस्याएं सुनेंगे तो छोटे-छोटे मामलों का समाधान जल्दी होगा और लोगों को राहत मिलेगी। प्रशासन की यह पहल आम जनता के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है।



