उत्तर प्रदेश

Asim Arun : DGP अनुराग को अंतिम विदाई, भावुक हुए मंत्री असीम अरुण

1994 बैच के आईपीएस रहे दोनों अधिकारी, साथ की ट्रेनिंग और पुरानी यादों ने कर दिया भावुक

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बागपत पहुंचकर त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत अधिकारी को एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके निधन को पुलिस सेवा की बड़ी क्षति बताया।

अनुराग मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले थे। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

मंत्री असीम अरुण और अनुराग वर्ष 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे। दोनों ने एक साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) और हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में उन्होंने साथ प्रशिक्षण लिया था। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र मिशन कोसोवो में भी दोनों ने साथ काम किया था। लंबे समय तक साथ रहने के कारण दोनों के बीच गहरी मित्रता थी।

अपने पुराने साथी को अंतिम विदाई देते समय मंत्री असीम अरुण भावुक दिखाई दिए। उन्होंने अनुराग से जुड़ी कई पुरानी यादें साझा कीं और कहा कि वे हमेशा अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहते थे। उन्होंने बताया कि अनुराग का व्यवहार बेहद सरल था और वे हर व्यक्ति की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उनकी कार्यशैली और ईमानदारी सभी के लिए प्रेरणा थी।

अंतिम संस्कार के बाद मंत्री असीम अरुण ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि किसी अपने को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इस कठिन समय में पूरा समाज और सरकार परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

अनुराग के निधन से पुलिस महकमे और उनके परिचितों में शोक की लहर है। उन्हें एक कुशल, ईमानदार और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उनके साथ काम करने वाले अधिकारी और मित्र उनके योगदान, सादगी और समर्पण को लंबे समय तक याद रखेंगे।

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