Mayawati : टिकट का आखिरी फैसला बहनजी का, आकाश आनंद निभा रहे संगठन की जिम्मेदारी
बसपा प्रमुख ने उम्मीदवार चयन को लेकर चल रही अटकलों पर लगाया विराम, कहा- प्रत्याशियों का चयन छवि, सक्रियता और जीत की क्षमता के आधार पर होता है।

Lucknow Desk : बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के अंदर टिकट वितरण को लेकर चल रही चर्चाओं पर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने का अधिकार उनके पास ही है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद उम्मीदवारों का चयन नहीं करते हैं, बल्कि वे संगठन से जुड़े कामों और पार्टी की गतिविधियों को देखते हैं।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है और उसमें कहा है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी हमेशा उनकी रही है और आगे भी यही व्यवस्था जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि अब तक कई विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय किए जा चुके हैं और सभी नामों को उनकी मंजूरी के बाद ही अंतिम रूप दिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को टिकट देने से पहले उसकी जनता के बीच छवि, संगठन में सक्रियता, सामाजिक पकड़ और चुनाव जीतने की क्षमता को देखा जाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखने के बाद ही उम्मीदवार का चयन किया जाता है।
मायावती ने आकाश आनंद को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। वह कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हैं, पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं और चुनावी गतिविधियों में सहयोग करते हैं, लेकिन टिकट देने का फैसला उनका नहीं होता।
उन्होंने कहा कि कई बार आकाश आनंद जनसभाओं में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने उम्मीदवार चुने हैं। उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय किए जा चुके होते हैं।
बसपा प्रमुख ने बताया कि पिछले कुछ समय से आकाश आनंद को पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अलग-अलग राज्यों में कार्यकर्ता बैठकों और जनसभाओं के लिए भेजा जा रहा है, ताकि पार्टी संगठन को मजबूत किया जा सके।
मायावती ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दें। उन्होंने साफ कहा कि बसपा में टिकट वितरण की पुरानी व्यवस्था ही जारी है और अंतिम फैसला उन्हीं के स्तर पर लिया जाता है।
मायावती के इस बयान के बाद आकाश आनंद की टिकट वितरण में भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। पार्टी प्रमुख ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उम्मीदवारों का चयन और टिकट देने का अंतिम अधिकार उनके पास ही है।


