Varanasi : बारिश का दौर जारी, गंगा का जलस्तर स्थिर
प्रदेश में भारी बारिश का असर, गंगा का जलस्तर 61.05 मीटर दर्ज; चेतावनी और खतरे के निशान से अभी काफी नीचे

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। कहीं जलभराव की समस्या है, तो कहीं नदी कटान और फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश का असर अब वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर हो गया है। इससे लोगों और प्रशासन को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बारिश का दौर जारी रहने के कारण सतर्कता बरती जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग की 24 जुलाई 2026 को सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी में गंगा का जलस्तर 61.05 मीटर दर्ज किया गया है। इससे पहले लगातार कई दिनों तक जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, लेकिन ताजा रिपोर्ट में जलस्तर स्थिर बताया गया है।
वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर इन दोनों स्तरों से काफी नीचे है। इसलिए फिलहाल बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि अगर पहाड़ी क्षेत्रों और गंगा के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में जलस्तर फिर बढ़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और नदी किनारे के क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गंगा किनारे रहने वाले लोगों से भी प्रशासन ने अपील की है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाएं। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
बारिश के मौसम में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिलहाल जलस्तर स्थिर रहने से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम और बारिश की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होती है तो आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



