योग्यता बनी आधार, नियुक्ति बनी युवाओं के नए सफर की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा : भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बढ़ने से युवाओं और सरकार के बीच मजबूत हुआ विश्वास

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में नई नियुक्तियों के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अपनी सरकार के प्रयासों को सामने रखा। उनका कहना है कि जब किसी युवा को बिना किसी सिफारिश या भेदभाव के उसकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलती है, तो इसका असर सिर्फ उस अभ्यर्थी तक सीमित नहीं रहता। इससे उसके परिवार का भविष्य बदलता है और सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय युवाओं के बीच सरकारी नौकरियों को लेकर निराशा का माहौल था। उनके अनुसार भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती थीं, जिससे अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल रहता था कि क्या उन्हें वास्तव में योग्यता के आधार पर नौकरी मिल पाएगी। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और चयन प्रक्रिया को लेकर उठते सवालों का भी उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने भर्ती व्यवस्था में बदलाव को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक पुलिस भर्ती बोर्ड और अन्य चयन संस्थाओं की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के साथ भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। जून 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस के 60,244 सिविल पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की जानकारी केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो ने भी जारी की थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था और पुलिस भर्ती को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। उनका तर्क है कि अगर पुलिस बल में योग्य लोगों की भर्ती होती है, उन्हें उचित प्रशिक्षण मिलता है और व्यवस्था स्पष्ट नियमों के आधार पर काम करती है, तो कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलती है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में पहले की कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि पिछले वर्षों में राज्य की स्थिति में बदलाव आया है। हालांकि, इन बदलावों और उनके कारणों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और विश्लेषकों के अपने-अपने मत रहे हैं।
फिलहाल सरकार का जोर लगातार नई भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरित करने पर है। जून 2026 में मुख्यमंत्री ने कहा था कि पिछले नौ वर्षों में अलग-अलग चरणों में करीब 2.15 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है।
नियुक्ति पत्र मिलने से युवाओं को नौकरी के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने का नया मौका मिलता है। भर्ती प्रक्रिया कितनी सही और पारदर्शी है, यह आधिकारिक जानकारी, परीक्षा के तरीके और चयन के रिकॉर्ड से ही साफ हो सकता है।



