उत्तर प्रदेश

Varanasi : तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, कई घाटों का संपर्क टूटा

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से काशी के घाटों पर बढ़ी परेशानी, तीन स्थानों पर बदली गई गंगा आरती की जगह

Lucknow Desk : देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश और कई बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसका असर वाराणसी में भी देखने को मिल रहा है। काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 63.5 मीटर दर्ज किया गया है और करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है।

पिछले कुछ घंटों में गंगा के जलस्तर में करीब एक मीटर तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। पानी बढ़ने के साथ ही काशी के कई घाटों का एक-दूसरे से संपर्क भी टूट गया है। घाटों के बीच सीढ़ियों पर पानी पहुंचने के कारण लोगों का एक घाट से दूसरे घाट तक जाना मुश्किल हो गया है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर घाट किनारे बने छोटे मंदिरों पर दिखाई दे रहा है। पानी बढ़ने के साथ ही कई छोटे मंदिर धीरे-धीरे गंगा में डूबते जा रहे हैं। घाटों पर मौजूद दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भी जलस्तर बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि काशी में गंगा अभी चेतावनी बिंदु से करीब पौने सात मीटर और खतरे के निशान से करीब पौने आठ मीटर नीचे बह रही है। हालांकि जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है।

गंगा के तेज बहाव और लगातार बढ़ते पानी का असर गंगा आरती पर भी पड़ा है। सुरक्षा और जलस्तर को देखते हुए गंगा आरती के तीन स्थानों में बदलाव किया गया है। वहीं, काशी के अर्धचंद्राकार घाटों में पानी भरने के कारण कई घाटों के बीच का संपर्क भी टूट चुका है।

घाटों पर पानी बढ़ने के साथ ही नाव संचालन और घाटों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों और घाट से जुड़े कारोबारियों की नजर अब जलस्तर की स्थिति पर है।

फिलहाल गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है। ऐसे में आने वाले घंटों में पानी किस रफ्तार से बढ़ता है, इस पर सभी की नजर है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

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