गोपाल चौधरी हत्याकांड में बढ़ा आक्रोश, वायरल वीडियो के बाद ग्रामीणों ने उठाई फांसी की मांग
हाथरस के कूमरपुर गांव में परिजनों और ग्रामीणों का प्रदर्शन, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और वीडियो में बताए गए दो अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग।

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित कूमरपुर गांव में गोपाल चौधरी की हत्या को लेकर लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोपाल की मौत के बाद सामने आए सोशल मीडिया वीडियो ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। सोमवार सुबह मृतक के परिजनों और गांव के लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग उठाई। इसके अलावा, वायरल वीडियो में जिन दो अन्य लोगों का उल्लेख किया गया है, उनकी भूमिका की भी गहराई से जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की गई।
15 अक्टूबर को हुई थी गोपाल चौधरी की हत्या
मामला हाथरस के कूमरपुर गांव का है, जहां गोपाल चौधरी की 15 अक्टूबर को गला काटकर हत्या किए जाने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में गोपाल की पत्नी काजल, उसके कथित प्रेमी योगेंद्र चौधरी और गोपाल की बड़ी बेटी शालिनी को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से ही यह मामला चर्चा में है और अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने जांच को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है।
वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
गोपाल चौधरी की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उसकी मौत से करीब तीन दिन पहले का है। वीडियो में गोपाल गंभीर रूप से घायल दिखाई देता है। वह योगेंद्र चौधरी पर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाता नजर आता है। इसके अलावा वीडियो में वह दो अन्य व्यक्तियों का भी जिक्र करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि इसमें बताए गए सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों और उसमें बताए गए लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर उठाई सख्त कार्रवाई की मांग
सोमवार सुबह हुए प्रदर्शन में ग्रामीणों ने गोपाल चौधरी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को फांसी देने की मांग भी उठाई।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि वीडियो में जिन दो अन्य व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, उनकी भूमिका की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का पता चल सके।
जनप्रतिनिधियों के गांव न पहुंचने पर भी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की कथित अनदेखी को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष का कोई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने गांव नहीं पहुंचा। इस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष है।



