Ketan Agarwal Case : पोते के दुख में दादा का 71 साल की उम्र में निधन!
71 वर्ष की आयु में पुणे में केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन हो गया। परिवार के अनुसार, देवीचंद अपने पोते केतन के बहुत करीब थे। वह अपने पोते से बहुत प्यार करते थे। केतन की मौत की खबर मिलने के बाद से वह बहुत दुखी थी। बताया गया कि वो अपने पोते केतन की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए और 17 दिन बाद उनका भी मौत हो गई है।

Lucknow Desk : शनिवार रात पुणे के एक अस्पताल में केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन हो गया। 17 दिन पहले केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। पहले ही एक सदमे में डूबा था परिवार एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार वालों के मुताबिक, देवीचंद अग्रवाल अस्पताल में भर्ती थे और केतन की मौत के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। डॉक्टरों ने शनिवार रात 9:45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे 71 साल के थे। परिवार ने बताया कि देवीचंद अपने पोते की मौत से बहुत गहरे सदमे में थे और तब से ही भावनात्मक रूप से परेशान चल रहे थे। उनका मानना है कि इस सदमे और दुख का उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ा।
वहीं 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। लोनावला ग्रामीण पुलिस ने जांच में पाया गया कि उसकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर केतन को लोहागढ़ पहाड़ी से धक्का दिया था। सिया गोयल की केतन से शादी होने वाली थी। लेकिन वह चेतन चौधरी नाम के युवक से प्यार करती थी।
पोते के लिए न्याय की भावुक अपील की थी
बीते दिनों केतन अग्रवाल के दादा देवीचंद अग्रवाल ने बीमार होने के बावजूद 27 जून को अपनी हाउसिंग सोसाइटी में आयोजित कैंडल मार्च में हिस्सा लिया। अपनी मौत से कुछ दिन पहले देवीचंद अग्रवाल ने अपने पोते के लिए न्याय की भावुक अपील की थी। वे रो पड़े थे जब उन्होंने उस धोखे का जिक्र किया जो उन लोगों ने किया था जिन पर उनके परिवार ने दशकों तक भरोसा किया था। आंसू रोकते हुए उन्होंने मांग की थी, “सिया और चेतन को मौत की सजा मिलनी चाहिए।” वह केतन अग्रवाल की मौत से काफी आहत दिखे और उन्होंने कहा, “मेरे बुढ़ापे का सहारा चल गया।
अपने पोते केतन के बहुत करीब थे।
परिवार वालों ने बताया कि देवीचंद अपने पोते केतन के बहुत करीब थे। वह अपने पोते से बहुत प्यार करते थे। केतन की मौत की खबर मिलने के बाद से वह बहुत दुखी थी। उन्होंने मीडिया से इस बारे में बात भी की थी और बात करते समय भी उनका गला भर आया था। वह रोने लगे थे। परिवार वाले बताते है कि केतन अग्रवाल के दादा ने रोकर कहा था कि वह हमें छोड़कर चला गया, वह उसके बिना कैसे जिंदा रहेंगे। जिसके चलते वो सदमा बर्दशत नहीं कर पाए और उनकी मौत हो गई।



