युद्ध हो चाहे न हो, हमारी नीतियां नहीं बदलेंगी, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान ने कहा- स्थिति पहले जैसी नहीं
Iran says situation is not same as before at Strait of Hormuz

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि युद्ध हो या न हो, ईरान की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका या कोई अन्य देश यदि फिर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो यह “पूरी तरह अविवेकपूर्ण कदम” होगा। ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए के मुताबिक, अराघची ने यह बात तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान कही।
‘होर्मुज की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी’
अराघची ने कहा कि 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी। उनके मुताबिक, संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को बुनियादी रूप से बदल दिया है और पश्चिम एशिया में नई वास्तविकता पैदा की है। उन्होंने युद्ध को क्षेत्र के इतिहास का निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि इसका अंत सभी मोर्चों पर होना चाहिए। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान समाधान को किसी एक मोर्चे तक सीमित रखने के बजाय व्यापक स्तर पर देख रहा है।
अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर ईरान का दावा
ईरानी विदेश मंत्री ने युद्ध में अमेरिकी सैन्य नुकसान को लेकर भी दावे किए। उन्होंने कहा कि ईरानी बलों ने संघर्ष के दौरान 80 से अधिक अमेरिकी विमानों और लड़ाकू विमानों को नष्ट किया। अराघची के अनुसार, इनमें से लगभग सभी विमानों को जमीन पर रहते हुए मिसाइलों से निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिकाने तबाह हो गए और वहां की सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। फ्लोरिडा में मतदान के बाद पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने जवाब दिया, “क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा? शायद कल… इसकी संभावना है।” साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच “एक अच्छा, बड़ा और शानदार समझौता” भी हो सकता है।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह उसका पालन करेगा। उन्होंने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए अमेरिकी नौसेना और सेना की तारीफ की। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के सभी लड़ाकू विमान निष्क्रिय कर दिए गए और 259 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं। उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए वहां रिकॉर्ड महंगाई होने की बात कही। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
होर्मुज पर कथित प्रस्ताव को ईरान ने बताया ‘मनगढ़ंत’
इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने से जुड़े कथित प्रस्ताव की खबरों को खारिज किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से संबद्ध समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को कोई नया प्रस्ताव नहीं भेजा। एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से सऊदी अरब के एक मीडिया संस्थान की रिपोर्ट को “झूठ और मनगढ़ंत कहानी” बताया।
इससे पहले खबर आई थी कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने का प्रस्ताव दिया है। ईरानी समाचार चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, तस्नीम से बात करने वाले सूत्रों ने इस रिपोर्ट को गलत बताया।
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के साथ-साथ संभावित समझौते को लेकर भी बयान सामने आ रहे हैं। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव का अहम केंद्र बनी रह सकती है।



