महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षोत्सव संपन्न, 74 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां और 20 पदक
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, 1000 बेटियों का हुआ HPV टीकाकरण; 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलीं किट

Lucknow Desk : आजमगढ़ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ का तृतीय दीक्षोत्सव गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उपाधियां एवं पदक प्रदान कर उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान किया गया।
दीक्षोत्सव समारोह में कुल 74 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 26 छात्र और 48 छात्राएं शामिल रहीं। उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 11 विद्यार्थियों को स्नातक (यूजी) तथा 63 विद्यार्थियों को परास्नातक (पीजी) की उपाधि प्रदान की गई। वहीं, विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुल 20 पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में छात्राओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
मेधावी विद्यार्थियों को राज्यपाल ने दी शुभकामनाएं
राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय से प्राप्त शिक्षा, ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए न करें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दें।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा युवाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यार्थियों की सफलता उनके परिवार, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय है।
पंकजभाई मकवाना को मानद उपाधि से सम्मान
दीक्षोत्सव के दौरान भारतीय पटोला कला, विशेष रूप से साड़ी पर की जाने वाली गुजराती कढ़ाई को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महती योगदान देने वाले श्री पंकजभाई डूंगरभाई मकवाना को राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।
यह सम्मान भारतीय पारंपरिक कला, शिल्प एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे देश-विदेश में पहचान दिलाने के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। मानद उपाधि समारोह का प्रमुख आकर्षण रही।
1000 बेटियों का HPV टीकाकरण
दीक्षोत्सव के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इसी क्रम में 1000 बेटियों का HPV टीकाकरण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य किशोरियों के स्वास्थ्य एवं जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
राज्यपाल ने बेटियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित बेटियां मजबूत समाज एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।
आजमगढ़ और मऊ के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरण
कार्यक्रम के दौरान आजमगढ़ और मऊ जनपदों के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट भी वितरित की गईं। इस पहल के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए बच्चों के प्रारंभिक विकास, शिक्षा और पोषण में इनके योगदान को रेखांकित किया।
गोद लिए गए गांवों के बच्चों का सम्मान
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियां देने वाले बच्चों को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।
बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने प्रतिभागी बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय के स्टॉलों का राज्यपाल ने किया अवलोकन
दीक्षोत्सव परिसर में विश्वविद्यालय की ओर से लगाए गए पांच स्टॉलों का भी राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अवलोकन किया। इन स्टॉलों में छोटे बच्चों की चित्रकला, विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और स्टार्टअप प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया गया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों एवं बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों, चित्रों और स्टार्टअप से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्वविद्यालय के स्टॉलों का राज्यपाल ने किया अवलोकन
दीक्षोत्सव परिसर में विश्वविद्यालय की ओर से लगाए गए पांच स्टॉलों का भी राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अवलोकन किया। इन स्टॉलों में छोटे बच्चों की चित्रकला, विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और स्टार्टअप प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया गया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों एवं बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों, चित्रों और स्टार्टअप से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्वविद्यालय परिसर में दिखा उत्साह और उल्लास
दीक्षोत्सव को लेकर महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर उपलब्धि की खुशी साफ दिखाई दी। विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक और शिक्षक भी इस गौरवपूर्ण अवसर के साक्षी बने।
समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। तृतीय दीक्षोत्सव विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, विद्यार्थियों की उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा।
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का यह दीक्षोत्सव विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतिभा के साथ आगे बढ़ने के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश भी दे गया।



