उत्तर प्रदेश

Narak Chaturdashi 2026: छोटी दिवाली कब है, जानें तिथि और पूजा विधि

नरक चतुर्दशी 2026 में कब मनाई जाएगी? जानिए छोटी दिवाली की तारीख, अभ्यंग स्नान, यम दीपदान और भगवान कृष्ण से जुड़ी धार्मिक मान्यता।

Lucknow Desk : दीपों के महापर्व दिवाली से पहले एक ऐसा दिन आता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत और जीवन से नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है। घरों में दीप सजने लगते हैं और सुबह-सुबह अभ्यंग स्नान की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। यह खास अवसर नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली का है। साल 2026 में इस पर्व की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार छोटी दिवाली कब मनाई जाएगी और अभ्यंग स्नान से लेकर यम दीपदान तक क्या है इसका धार्मिक महत्व।

7 या 8 नवंबर, कब है नरक चतुर्दशी?

पंचांग की गणना के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। चतुर्दशी तिथि का प्रदोष काल में होना और सूर्योदय के समय तिथि की स्थिति अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में पर्व मनाने की तारीख को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से कुछ पंचांगों में छोटी दिवाली 7 नवंबर को बताई गई है, जबकि कुछ गणनाओं में 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी का दिन माना गया है।

अभ्यंग स्नान और यम दीपदान की परंपरा

नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय से पहले उठकर शरीर पर तिल का तेल और उबटन लगाने के बाद स्नान करने की परंपरा है। इसे अभ्यंग स्नान कहा जाता है। मान्यता है कि इस विधि से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शाम के समय यमराज के निमित्त दीपक जलाकर दीपदान किया जाता है।

भगवान कृष्ण से जुड़ी है नरक चतुर्दशी की कथा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा की सहायता से नरकासुर का वध किया था। उसके अत्याचारों से लोगों को मुक्ति मिली थी। इसी विजय की खुशी में दीप जलाने की परंपरा शुरू हुई। छोटी दिवाली का पर्व बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का संदेश देता है।

इस वर्ष पूजा और स्नान की सही तारीख निर्धारित करने के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग और उदयातिथि के अनुसार मुहूर्त अवश्य देखें।

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