सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर सुलतानपुर में सजा एकता और संस्कृति का मंच
संस्कृति, सम्मान और राष्ट्र एकता के संदेश से गूंजा समारोह

Lucknow Desk : सुल्तानपुर में भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं सुल्तानपुर क्राफ्ट समिति के संयुक्त संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं, शिल्पकारों और जिले के गणमान्य लोगों ने भाग लिया। समारोह में सरदार पटेल के विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय रहे। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि देश को एकता के सूत्र में बांधने और अखंड भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि पटेल जी के प्रयासों के बिना एक मजबूत और एकजुट भारत की कल्पना पूरी करना कठिन था। आज भी उनके विचार देशवासियों को एकता और राष्ट्रहित के लिए प्रेरित करते हैं।
समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। विख्यात भोजपुरी गायक दीनबंधु सिंह ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति और संस्कृति से जुड़े गीतों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति प्रकाश और दीनबंधु सिंह ने किया।
रक्षाबंधन के अवसर पर मंत्री मनोज पांडेय ने महिलाओं को मिठाई और उपहार भेंट किए तथा उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, सदर विधायक राजप्रसाद उपाध्याय, जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और मुख्य विकास अधिकारी विनय सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख कुड़वार प्रतिनिधि मदन भैया, नवनीत सिंह, सोनू, उमेश सिंह, जयसिंहपुर ब्लॉक प्रमुख, शिवपाल सिंह, गोमती गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह, जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष तथा पूर्व अध्यक्ष दीपू सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
समारोह का संयोजन राजेश कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले विशिष्ट शिल्पकारों को सम्मानित किया गया और उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर सरदार पटेल के आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।



