उत्तर प्रदेश

अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते चलने से गरमाई सियासत, सपा का सड़क पर प्रदर्शन

अयोध्या में जिला मुख्यालय पहुंचकर सपा ने सौंपा ज्ञापन, भाजपा पर दलित समाज के अपमान का लगाया आरोप।

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश में राम मंदिर दान चोरी के मुद्दे पर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। संसद परिसर में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए एक नाटक के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी विवाद के बीच सपा सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाने का मामला अब नया राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव और लीलावती कुशवाहा ने किया। बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अजीत प्रसाद ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना था कि भाजपा नेताओं द्वारा भी कई बार सनातन धर्म का अपमान करने वाले काम किए गए, लेकिन उन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत के दौरान हनुमान जी के प्रतीकात्मक नृत्य का भी जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि भगवा वस्त्र पहनकर मांसाहार करने जैसे मामलों पर भी भाजपा चुप रहती है।

अजीत प्रसाद ने यह भी कहा कि उनके पिता अवधेश प्रसाद दलित समाज से आते हैं। उनका आरोप है कि पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाना सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि दलित समाज इस घटना को नहीं भूलेगा और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका जवाब देगा।

दरअसल, यह पूरा विवाद संसद भवन परिसर में हुए एक नाटक के बाद शुरू हुआ। इस नाटक में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाया गया था। इसमें सपा सांसद अवधेश प्रसाद, धर्मेंद्र यादव, डिंपल यादव और कुछ अन्य नेताओं को भी दिखाया गया था। इस नाटक पर अयोध्या के संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

दो दिन पहले संत समाज ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने इसे राजनीतिक और सामाजिक सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।

अब इस मामले को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी आमने-सामने हैं। दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल इस विवाद पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

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