ओपी राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा सवाल, बोले : कुर्मी समाज से दूरी क्यों?
धर्मेंद्र प्रधान, अभिषेक पटेल और डॉ. सोनेलाल पटेल का जिक्र करते हुए ओपी राजभर ने सपा प्रमुख से मांगा स्पष्ट जवाब, कहा : पूरे कुर्मी समाज को जवाब का इंतजार।

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कुर्मी समाज को लेकर कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की बात करती है, तो फिर कुर्मी समाज के प्रति दूरी क्यों दिखाई देती है।
ओपी राजभर ने कहा कि हाल के दिनों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अभिषेक पटेल को लेकर जिस तरह की राजनीतिक टिप्पणियां की गईं, उस पर अखिलेश यादव को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि समाजवादी पार्टी का कुर्मी समाज को लेकर क्या नजरिया है।
राजभर ने कहा कि अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर अखिलेश यादव ने एक ट्वीट तक नहीं किया। उनका कहना था कि डॉ. सोनेलाल पटेल ने पिछड़े समाज के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया था। ऐसे नेता को श्रद्धांजलि न देना कई सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी वास्तव में पिछड़ों की राजनीति करती है, तो उसे सभी पिछड़े समाजों का समान सम्मान करना चाहिए। किसी एक समाज की अनदेखी करना ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के व्यवहार से ऐसा लगता है कि वह कुर्मी समाज को महत्व नहीं देना चाहती।
ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को खुलकर बताना चाहिए कि आखिर कुर्मी समाज के प्रति उनकी सोच क्या है। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव के समय पिछड़ों की बात करना और बाद में उन्हें नजरअंदाज करना सही राजनीति नहीं है।
राजभर ने कहा कि पूरे कुर्मी समाज को अब अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब आना चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी तरह का भ्रम न रहे। उनका कहना था कि राजनीति में सभी समाजों का सम्मान होना चाहिए और किसी भी समाज के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सब कुछ देख रही है। नेताओं को अपने शब्दों और व्यवहार में समानता रखनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि अखिलेश यादव इस मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे और कुर्मी समाज के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।



