ओपी राजभर का अखिलेश-राहुल पर निशाना, बोले- जल्द टूट सकती है सपा-कांग्रेस की दोस्ती
अम्बेडकरनगर में मंत्री ओपी राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर साधा निशाना, PDA की बदलती परिभाषा और राखी पर लिफाफे को लेकर भी उठाए सवाल

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बड़ा दावा किया है। अम्बेडकरनगर में उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। राजभर ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की दोस्ती ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली है और दोनों के रास्ते अलग हो सकते हैं।
ओपी राजभर ने दावा किया कि राहुल गांधी अब समाजवादी पार्टी से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक कांग्रेस को यह समझ में आ गया है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी करने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, यह राजभर का राजनीतिक दावा है और इसे लेकर सपा या कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।
PDA की परिभाषा को लेकर अखिलेश पर हमला
राजभर ने समाजवादी पार्टी के PDA के मुद्दे को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि PDA की परिभाषा लगातार बदलने से यह साफ है कि अखिलेश यादव अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कभी PDA को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया जाता है तो अब इसकी नई व्याख्या धैर्य, अनुशासन और एक्शन के तौर पर की जा रही है।
नई व्याख्या पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब उसके कार्यकर्ताओं पर चोरी, छिनैती और डकैती का कल्चर सिखाने के आरोप लगते थे और अब दूसरों को धैर्य और अनुशासन की नसीहत दी जा रही है।
राखी के लिफाफे पर भी उठाए सवाल
ओपी राजभर ने राखी के मौके पर मुस्लिम महिलाओं को दिए जाने वाले लिफाफे को लेकर भी अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 हजार रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन महिलाओं को 1100 रुपये का लिफाफा दिया गया। राजभर ने इसे भी घोटाला बताते हुए अखिलेश यादव पर सवाल खड़े किए।
सपा के इस दावे पर कि PDA से सामंतवादी ताकतें घबरा रही हैं, राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को किसी और से नहीं, बल्कि अपने ही PDA से घबराहट हो रही है। उनके इन बयानों को लेकर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सपा और सुभासपा के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।



