उत्तर प्रदेश

Varanasi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस को दी बड़ी सौगात, 46 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी

46 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर से जाम से मिलेगी राहत, गंगा-वरुणा किनारे बनेगा आधुनिक मार्ग; काशी विश्वनाथ मंदिर, घाटों और प्रमुख स्थलों तक आसान होगी पहुंच

Lucknow Desk : वाराणसी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी में दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

इस योजना के तहत गंगा और वरुणा नदी के किनारे करीब 46 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें 6 लेन का मुख्य कॉरिडोर, रैंप, लूप, लिंक रोड और फुट ओवर ब्रिज जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इस पूरी परियोजना पर करीब 14,447 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

केंद्र सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को सफर करने में आसानी होगी। अभी जहां कई रास्तों पर जाम की स्थिति बनी रहती है, वहीं इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

बताया गया है कि इस कॉरिडोर पर वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। इससे कई इलाकों में यात्रा का समय लगभग 60 मिनट से घटकर 20 मिनट तक रह जाने की उम्मीद है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से काशी रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में भी समय की बचत होगी।

वाराणसी के मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि यह परियोजना काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वाराणसी में सड़क और यातायात सुविधाओं के विकास पर बड़े स्तर पर काम हुआ है।

इस परियोजना से काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), नमो घाट, रामनगर किला और वाराणसी के प्रमुख घाटों तक पहुंच आसान हो जाएगी। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु वाराणसी आते हैं, ऐसे में यह कॉरिडोर पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

योजना में गंगा नदी पर एक बड़ा केबल स्टे ब्रिज भी बनाया जाएगा। इसके अलावा पैदल यात्रियों के लिए विशेष फुट ओवर ब्रिज, लाइटिंग व्यवस्था, ध्वनि अवरोधक और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।

यह कॉरिडोर वाराणसी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के विकास में भी मदद करेगा। इससे हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, रामनगर बंदरगाह और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के बीच संपर्क बेहतर होगा। व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई को भी इसका फायदा मिलेगा।

केंद्र सरकार का कहना है कि यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य शहर में तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था तैयार करना है।

वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद बनारस में लोगों को जाम से राहत मिलने के साथ-साथ शहर की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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