उत्तर प्रदेश

Lucknow : तीसरे दिन भी नहीं थमा विरोध, अधिवक्ताओं ने बुलंद की आवाज़

विलय के फैसले के खिलाफ अधिवक्ताओं का एकजुट प्रदर्शन, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।

Lucknow Desk : राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में उपनिबंधक कार्यालयों के विलय के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने उपनिबंधक कार्यालय के बाहर धरना दिया और विरोध स्वरूप कार्यालय में तालाबंदी कर दी। इसके चलते शुक्रवार को भी कार्यालय में कोई रजिस्ट्री या अन्य सरकारी कार्य नहीं हो सका। इससे अपने जरूरी काम के लिए पहुंचे लोगों को भी वापस लौटना पड़ा।

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश शासन की ओर से 4 अगस्त 2026 को जारी किए गए शासनादेश से जुड़ा है। इस आदेश में लखनऊ सदर के प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ और पंचम उपनिबंधक कार्यालयों को एक कार्यालय में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद से ही मोहनलालगंज के अधिवक्ताओं में नाराजगी है और वे लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।

धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का कहना है कि उपनिबंधक कार्यालयों के विलय का सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा। उनका कहना है कि अभी लोगों को अपने क्षेत्र में ही रजिस्ट्री और दस्तावेजों से जुड़े काम आसानी से हो जाते हैं, लेकिन विलय के बाद लोगों को दूसरे क्षेत्र के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होगी।

बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह फैसला केवल अधिवक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी परेशानी का कारण बनेगा। उनका कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए उपनिबंधक कार्यालय पहुंचते हैं। यदि सभी काम एक ही कार्यालय से होंगे तो वहां भीड़ बढ़ेगी और लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।

अधिवक्ताओं ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक पत्र भी भेजा है। पत्र में उन्होंने 4 अगस्त को जारी शासनादेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने या उस पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार इस फैसले पर दोबारा विचार करे ताकि जनता और अधिवक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं है। वे केवल जनता और अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

लगातार तीसरे दिन तालाबंदी के कारण उपनिबंधक कार्यालय का पूरा कामकाज ठप रहा। कार्यालय में रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजों से जुड़े सभी कार्य प्रभावित हुए। कई लोग अपने जरूरी काम के लिए कार्यालय पहुंचे, लेकिन काम नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

फिलहाल मोहनलालगंज में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। अब सभी की नजर शासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि सरकार की ओर से जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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