वाराणसी में संत समिति का विरोध, सांसदों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी की उठाई मांग
संसद परिसर में सनातन धर्म के अपमान का आरोप, एक सप्ताह में गिरफ्तारी नहीं होने पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी

Lucknow Desk : वाराणसी में साधु-संतों की एक सामूहिक बैठक के बाद कुछ विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी नाराजगी सामने आई है। संत समिति ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में सनातन धर्म और साधु-संतों का अपमान किया गया है। इस मामले को लेकर संतों ने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक के दौरान संतों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को ऐसे बयान और व्यवहार से बचना चाहिए, जिससे किसी धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत हों। संतों ने यह भी आरोप लगाया कि इन नेताओं का आचरण उनके सार्वजनिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
संत समिति ने कहा कि साधु-संतों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं जारी रहीं तो देशभर में साधु-संत, हिंदू संगठन और सनातन धर्म से जुड़े लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि आने वाले समय में विभिन्न जिलों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इस मामले में वाराणसी के कोतवाली थाने में बीते दिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। संत समिति का कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वे न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेंगे। इसके तहत पहले हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
संतों ने यह भी घोषणा की कि वे इस पूरे मामले को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के समक्ष भी अपनी मांग रखेंगे। समिति का कहना है कि संबंधित सांसदों के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने इन तीनों सांसदों की संसद सदस्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद आगे की जांच की जा रही है। अभी तक आरोपों पर संबंधित सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



