गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस का सख्त एक्शन, 9 मुकदमों में 58 लोगों पर कार्रवाई
जातिगत वैमनस्य और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट पर पुलिस की नजर, बिना अनुमति भीड़ जुटाने वालों पर भी होगी कार्रवाई

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सोशल मीडिया पर भड़काऊ और विवादित पोस्ट को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जरिए जातिगत वैमनस्य और सामाजिक सौहार्द खराब करने की कोशिश की जा रही थी। ऐसे मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं।
जानकारी के अनुसार, इटियाथोक पुलिस ने काजल सिंह, कर्नलगंज पुलिस ने कृष्ण कुमार निषाद, तरबगंज पुलिस ने राम किशुन कोहली, मोतीगंज पुलिस ने स्वामी नाथ वर्मा और परसपुर पुलिस ने अशोक कुमार व जितेंद्र उर्फ नीलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा साइबर थाने में सत्येंद्र कुमार के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक 9 मुकदमों में 58 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक या समाज में तनाव पैदा करने वाली सामग्री सामने आने पर जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, नवाबगंज थाना क्षेत्र में विनोद साहनी हत्याकांड के विरोध में विकास निषाद के नेतृत्व में करीब 50 लोगों ने कैंडिल मार्च निकाला। मार्च में विकास निषाद, राहुल निषाद, रामजन्म निषाद, सुभाष निषाद, रामफल निषाद, जस्करन निषाद, राजकुमार निषाद और विनोद निषाद सहित अन्य लोग शामिल हुए।
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि पुलिस सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति जातिगत वैमनस्य फैलाने या सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी ने यह भी बताया कि जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में बिना अनुमति कोई भी गैरकानूनी तरीके से भीड़ या कार्यक्रम आयोजित करता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नवाबगंज थाना क्षेत्र में बिना अनुमति आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के मामले में भी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी विवादित या भड़काऊ पोस्ट को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें।



