
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। मामले का जल्द सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के सामने जिक्र किया गया था।
सुनवाई के दौरान CJI ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे। उन्होंने कहा कि छोटी दुकानें चलाने वाले लोग इन दिनों अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं और ऐसे हालात का असर पूरे परिवारों पर पड़ सकता है।
जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि किसी को प्रदर्शन करना है, किसी को मूंगफली बेचनी है और किसी को कानून-व्यवस्था बनाए रखनी है- ये सभी बातें आपस में जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के कारण कारोबार को नुकसान पहुंचता है, तो सुप्रीम कोर्ट अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर सकता है। फिलहाल, अदालत पहले हालात पर नजर रखेगी।
सेंट्रल पार्क बंद करने का मुद्दा उठा
सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने पिछली रात देर से सेंट्रल पार्क बंद करने का आदेश जारी किया था। वकील के मुताबिक, इससे वहां कारोबार प्रभावित हो सकता है।
इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यदि उठाया गया कदम जरूरत से ज्यादा पाया गया, तो अदालत कानून के तहत कार्रवाई करने और नुकसान की भरपाई से जुड़े आदेश देने का अधिकार रखती है।
राहुल गांधी से जुड़ी याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 26 अक्टूबर को उस महिला पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसने मार्च के दौरान राहुल गांधी पर धक्का देने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को वकील और भाजपा नेता गौरव भाटिया ने CJI की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामला रखा।
भाटिया ने आवेदन पर सुनवाई की तारीख तय करने और यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि मामले में नोटिस जारी हुआ है या नहीं। CJI ने कहा कि पिछली सुनवाई में अदालत के सामने रखी गई याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जा चुका है और मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।



