जिसे मृत समझकर किया अंतिम संस्कार, वह पांच साल बाद घर लौटी
महराजगंज में हैरान करने वाला मामला, लापता मानसिक रूप से दिव्यांग महिला को परिवार ने अज्ञात शव समझकर किया था अंतिम संस्कार

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को हैरान कर दिया है। सोनौली कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला करीब पांच साल बाद अचानक अपने घर लौट आई। परिवार ने जिस समय उसे मृत समझ लिया था, उस दौरान एक अज्ञात महिला के शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। अब महिला के जिंदा लौटने के बाद उस शव की पहचान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव के मल्लाह टोले का है। यहां रहने वाली करीब 20 वर्षीय इस्रावती दिसंबर 2021 में अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों के अनुसार, वह मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो परिवार ने उसे ढूंढने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।
लापता होने के करीब चार महीने बाद कोल्हुई थाना क्षेत्र में धान के खेत से पुलिस को एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव मिला था। पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए महराजगंज भेज दिया। शव की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में सूचना भी दी गई थी।
परिजनों का दावा है कि शव मिलने की जानकारी पर वे कोल्हुई थाने पहुंचे थे। वहां पुलिस ने मोबाइल में एक तस्वीर दिखाकर उनसे शव की पहचान करने को कहा। परिवार के मुताबिक, उन्होंने तस्वीर के आधार पर शव को अपनी बेटी इस्रावती का समझ लिया। इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया। परिवार ने त्रिमुहानी घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया और बाद में घर पर क्रिया-कर्म भी कराया।
लेकिन कुछ समय बाद ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। रक्षाबंधन के दिन इस्रावती अचानक दो महिलाओं के साथ अपने गांव पहुंच गई। उसे जिंदा सामने देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। परिजनों के अनुसार, इस्रावती ने बताया कि वह मुंबई पहुंच गई थी और वहां एक अनाथालय में रह रही थी। इलाज के दौरान उसने अपने घर का पता बताया, जिसके बाद दो महिलाएं उसे लेकर महराजगंज पहुंचीं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस अज्ञात महिला के शव का परिवार ने अंतिम संस्कार किया था, वह आखिर किसका था। क्या शव की पहचान केवल तस्वीर के आधार पर की गई थी? क्या डीएनए जांच कराई गई थी? पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शव सौंपने से जुड़े दस्तावेजों में क्या दर्ज है?
फिलहाल इस मामले ने पुलिस की पुरानी कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अज्ञात शव की पहचान से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।



