यूपी राजकीय निर्माण निगम के एमडी पर भ्रष्टाचार का आरोप, सीएम योगी के पास पहुंचा मामला
Corruption allegations against MD of UP State Construction Corporation

उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। भाजपा के विधान परिषद सदस्य श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह ने निगम के एमडी रामनाथ (आर एन )सिंह के कार्यकाल में कराए गए निर्माण कार्यों और कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में एमएलसी ने बीते 13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है।
भाजपा एमएलसी की विनीत सिंह की शिकायत के बाद राजकीय निर्माण निगम में संचालित कई निर्माण परियोजनाओं, उनकी कार्यप्रणाली और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में भाजपा एमएलसी ने राजकीय निर्माण निगम के एमडी रामनाथ सिंह के कार्यकाल में हुए कार्यों और कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की पड़ताल कराने की मांग की है। शिकायत में इस प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य राज्य मंत्री और राज्य मंत्री स्तर पर भी शिकायत किए जाने का उल्लेख किया गया है। एमएलसी ने मामले को गंभीर बताते हुए शासन से आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।
बहरहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभाग शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या एमडी के कार्यकाल में हुए निर्माण कार्यों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा? क्या कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
बहरहाल जिस तरह से राजकीय निर्माण निगम के एम डी आर एन सिंह पर लगातार भाजपा सरकार के ही विधायकोंऔर मंत्रियों के द्वारा लिखित शिकायतें की जा रही हैं उससे उनके कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है जो न सिर्फ विभाग के लिए शर्मशार करने वाला है बल्कि इससे योगी सरकार की भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की नीति को भी कटघरे में खड़ा करता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राम नाथ के ऊपर किसका हाथ है जो इतनी शिकायतों के बाद भी अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैं।



