बाराबंकी में पोषाहार को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने SDM से की निष्पक्ष जांच की मांग
वायरल वीडियो के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप, बच्चों के पोषाहार की कथित बिक्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

Lucknow Desk : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषाहार को लेकर विवाद सामने आया है। सुबेहा थाना क्षेत्र के रेहुरा और चकौरा आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े इस मामले में ग्रामीणों ने पोषाहार की कथित बिक्री का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि इस संबंध में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (SDM) को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों के लिए आने वाले पोषाहार को खुले बाजार में ले जाया जा रहा था। उनका कहना है कि जब कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, तभी यह मामला सामने आया और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के लिए मिलने वाले पोषाहार का गलत इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मामले की जानकारी पहले सुबेहा थाना और जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से भी दी गई थी। इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए अब उन्होंने SDM से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि मामले में करीब 55 पैकेट पोषाहार बरामद हुए हैं। हालांकि, इस दावे की प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पोषाहार का वितरण सही तरीके से हुआ या नहीं।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को उठाने के बाद उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और फर्जी मुकदमों में फंसाने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। वहीं, स्थानीय लोगों की मांग है कि यदि किसी भी स्तर पर बच्चों के पोषाहार में गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



