हाथरस के स्कूल का वीडियो वायरल, बच्चों से ईंट ढुलवाने के आरोप
Hathras : सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने उठाए सवाल, जांच और स्कूल प्रशासन के जवाब का इंतजार

Lucknow Desk : हाथरस के लेबर कॉलोनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ स्कूली बच्चे अपने हाथों में किताबों की जगह ईंटें उठाए दिखाई दे रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि विद्यालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बच्चों से ईंटों की ढुलाई कराई गई। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक जांच अभी बाकी है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर बच्चों से निर्माण कार्य कराया गया है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने की जगह है, न कि उनसे मजदूरी कराने की।
बताया जा रहा है कि वीडियो हाथरस के लेबर कॉलोनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज का है। वीडियो में कुछ बच्चे ईंटें उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर विद्यालय पर बच्चों से मजदूरी कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है और किन परिस्थितियों में बनाया गया था।
यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं कि बच्चों से निर्माण कार्य कराया गया, तो यह बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। साथ ही, बाल श्रम से जुड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन फिलहाल बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यह एक प्रबंध समिति (मैनेजमेंट) द्वारा संचालित विद्यालय है, इसलिए इस मामले में जवाब देना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन की ओर से किसी जांच या कार्रवाई को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
वहीं, खबर लिखे जाने तक विद्यालय प्रशासन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में वीडियो को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि या खंडन नहीं हो सका है।
इस पूरे मामले के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या वास्तव में स्कूल परिसर में बच्चों से ईंट ढुलवाई गई? अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
फिलहाल प्रशासन की जांच और विद्यालय प्रबंधन के आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो में दिख रहे दृश्य किस परिस्थिति के हैं और आरोपों में कितनी सच्चाई है। तब तक इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच का इंतजार करना जरूरी है।



