Weather Today : देहरादून में बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश के आसार
मौसम विभाग ने बदलाव को लेकर जारी किया पूर्वानुमान

Lucknow Desk : उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखाई दे रहा है। राज्य के मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, जबकि पर्वतीय जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि जुलाई माह में अब तक सामान्य से लगभग 23 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि यदि पूरे मानसून सीजन की बात करें तो प्रदेश में अब तक 7 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिसे मौसम विज्ञान की भाषा में सामान्य श्रेणी के आसपास माना जाता है। उनका कहना है कि कुल मिलाकर इस समय मानसून की स्थिति संतुलित बनी हुई है और आने वाले दिनों में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
डॉ. तोमर के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और चंपावत सहित अन्य जिलों में हल्की से बहुत हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना बनी रहेगी।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 जुलाई के बाद प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। विशेष रूप से कुमाऊं मंडल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसके बाद 17 जुलाई से पूरे उत्तराखंड में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो 20 जुलाई तक जारी रहने का अनुमान है।
बारिश की संभावनाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने फिलहाल येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन को भी संभावित मौसम परिवर्तन को देखते हुए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में यदि अनुमान के अनुसार बारिश होती है तो मैदानी क्षेत्रों में उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, जबकि पर्वतीय इलाकों में जल स्रोतों और कृषि गतिविधियों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि मौसम विभाग की सलाह है कि लोग मौसम के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।



