‘मतदाता सूची में एक करोड़ हिंदू वोटरों के नाम नहीं’, योगी का बड़ा दावा
यूपी की वोटर लिस्ट पर योगी का बड़ा दावा, एक करोड़ से ज्यादा मतदाताओं के नाम गायब, भाजपा कार्यकर्ताओं को सौंपी अहम जिम्मेदारी

Lucknow Desk : चुनावी राजनीति में एक-एक वोट की अहमियत होती है, लेकिन उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा मुद्दा उठाया है, जिसने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीएम योगी ने दावा किया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक ऐसे हिंदू मतदाता हैं, जिनके नाम विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं। उन्होंने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के लिए सक्रिय होने का निर्देश दिया।
योगी ने बैठक में रखे मतदाता सूची से जुड़े आंकड़े
लखनऊ में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची से संबंधित कई आंकड़ों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 66 लाख ऐसे मतदाता हैं, जो पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में दर्ज हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव की वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है।
इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लगभग 55 लाख लोगों के नाम भी विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। वहीं, 18 से 19 वर्ष की उम्र के करीब साढ़े चार लाख युवाओं के नाम भी मतदाता सूची से गायब बताए गए।
मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों के आधार पर कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची की गंभीरता से पड़ताल करने की जरूरत बताई।
हर बूथ पर पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता, योगी ने दिया ये निर्देश
सीएम योगी ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए बूथ स्तर पर विशेष सक्रियता दिखाने की जरूरत है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को अपने-अपने बूथ की मतदाता सूची की जांच करने और जिन पात्र लोगों के नाम दर्ज नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार सूची में शामिल कराने के लिए अभियान चलाने को कहा। पार्टी कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे जमीनी स्तर पर लोगों से संपर्क करें और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में उनकी मदद करें।
अमित शाह ने 2027 चुनाव को लेकर दिया था बड़ा संदेश
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राजनीतिक भविष्य की रणनीति को लेकर भी अहम बातें सामने आईं। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस दो दिवसीय बैठक का उद्घाटन किया था।
अपने संबोधन में अमित शाह ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का लक्ष्य स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी लगातार तीसरी बार प्रदेश की सत्ता में वापसी करती है, तो उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी।
अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आने वाले 30 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने की संभावना नहीं है।
2027 से पहले बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संकेत
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में योगी आदित्यनाथ का मतदाता सूची पर जोर और अमित शाह का 2027 को लेकर दिया गया संदेश भाजपा की आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी के सामने पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति भी दिखाई दे रही है।



