वाराणसी में विरोध का अनोखा अंदाज, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ युवा कांग्रेस का पिंडदान प्रदर्शन
Varanasi : पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में किया प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग

Lucknow Desk : वाराणसी में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। काशी के भैसासुर घाट पर गंगा किनारे कार्यकर्ताओं ने उनका प्रतीकात्मक पिंडदान कर अपना विरोध जताया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और संगठन प्रभारी अनुपम राय ने किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक के मामलों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का विरोध किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के हित में कार्रवाई की मांग की।
अनुपम राय ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका कहना था कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कथित कार्रवाई गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया, जो ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने के कारण उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पेपर लीक के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तब तक छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने गंगा तट पर प्रतीकात्मक रूप से पिंडदान किया और कहा कि यह सरकार का ध्यान छात्रों की समस्याओं की ओर दिलाने का एक शांतिपूर्ण तरीका है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों की आवाज उठाना है, ताकि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले।
फिलहाल इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। युवा कांग्रेस ने कहा कि अगर सरकार ने पेपर लीक और छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो आगे भी इसी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।



