Azam Khan Arrest: रामपुर जेल से निकलते ही आजम खान गिरफ्तार, 15 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची ED
आजम खान शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन बाहर आते ही ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। अब्दुल्ला आजम घर रवाना हुए।

Lucknow Desk : जेल की सलाखों से बाहर निकलने का इंतजार खत्म हुआ, लेकिन आजम खान की मुश्किलें कम होने के बजाय एक नए मोड़ पर पहुंच गईं। उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल से शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे बाहर आए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तत्काल अपने कब्जे में ले लिया। जेल के बाहर पहले से मौजूद ईडी की टीम उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रिहाई के बाद घर जाने दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम ने रामपुर में राजनीतिक हलचल तेज कर दी। एक ओर आजम खान की रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थक और सपा कार्यकर्ता जेल के बाहर जुटे थे, तो दूसरी ओर ईडी और सुरक्षा बलों की मौजूदगी ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया।
15 गाड़ियों के काफिले के साथ जेल पहुंची ईडी
आजम खान की रिहाई की सूचना मिलते ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम सक्रिय हो गई थी। करीब 15 गाड़ियों के काफिले के साथ ईडी के अधिकारी और सीआरपीएफ के जवान रामपुर जेल पहुंचे। जेल के बाहर पहले से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात थे।
जैसे ही आजम खान जेल से बाहर निकले, ईडी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें अपने वाहन तक ले जाने में पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर समर्थकों की भीड़ और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कार्रवाई पूरी की गई।
दूसरी ओर, अब्दुल्ला आजम खान की रिहाई के बाद उन्हें घर जाने के लिए कहा गया। इस तरह पिता और बेटे की जेल से रिहाई के बाद रास्ते अलग हो गए।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में हुई गिरफ्तारी
आजम खान की गिरफ्तारी का संबंध जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से बताया गया है। ईडी इस मामले में उनसे पूछताछ करना चाहती है। रिहाई की जानकारी मिलने के बाद एजेंसी ने अजीमनगर थाने में भी प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें आजम खान को गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई थी।
गौरतलब है कि आजम खान के खिलाफ अजीमनगर थाने में दर्ज भ्रष्टाचार की एफआईआर से जुड़ा मामला भी चर्चा में है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है। ऐसे में एक मामले में जेल से बाहर आने के तुरंत बाद दूसरे मामले में गिरफ्तारी ने उनकी कानूनी मुश्किलों को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
रिहाई के बाद आजम खान ने क्या कहा?
जेल से बाहर आते ही आजम खान ने अपनी गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है। उनका बयान था, ‘मैं क्या कहूं, कानून खत्म ही हो गया है।’
आजम खान ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें मुसलमान होने की सजा मिल रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। यही हमारा गुनाह है।’
उनके इस बयान के बाद पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। आजम खान ने अपनी कार्रवाई को शिक्षा संस्थान बनाने से जोड़ते हुए सवाल उठाए और इसे अपने खिलाफ कार्रवाई के तौर पर पेश किया।
जेल के बाहर जुटे रहे समर्थक, भारी पुलिस बल रहा तैनात
आजम खान की रिहाई की खबर फैलते ही रामपुर जेल के बाहर सपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई थी। समर्थकों को उम्मीद थी कि लंबे समय बाद आजम खान अपने परिवार और कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचेंगे, लेकिन जेल से बाहर आते ही ईडी की कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को बदल दिया।
स्थिति को देखते हुए जेल परिसर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ईडी की टीम के साथ सीआरपीएफ जवान भी मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजम खान को अपने साथ ले जाया गया।
रिहाई के बाद गिरफ्तारी से फिर गरमाई यूपी की राजनीति
आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद हुई गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के इस वरिष्ठ नेता का मामला पहले से ही प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। अब जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
इस घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि आजम खान के लिए जेल से बाहर आने का क्षण ज्यादा देर तक राहत में नहीं बदल सका। अब सबकी नजर ईडी की पूछताछ, मामले की अगली कानूनी कार्रवाई और सोमवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी है।



