Dehradun : राहुल गांधी के खिलाफ देहरादून में भाजपा का प्रदर्शन, कांग्रेस मुख्यालय कूच से पहले रोके गए कार्यकर्ता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में निकला मार्च, दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में हुई जमकर नारेबाजी

Lucknow Desk : दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन को लेकर उत्तराखंड भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन को गैर संवैधानिक बताते हुए देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय कूच किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।
भाजपा कार्यकर्ता महानगर क्षेत्र से कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़े, लेकिन कांग्रेस कार्यालय पहुंचने से पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद रहे। दोनों दलों के आमने-सामने आने के बाद माहौल काफी गर्म हो गया। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को काफी प्रयास करने पड़े।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान राहुल गांधी का व्यवहार मर्यादा के अनुरूप नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की ओर से रखी गई बात को पहले ही स्वीकार कर लिया गया था, इसके बावजूद उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसके विरोध में भाजपा ने यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और नियमों का सम्मान सभी को करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाते हुए इसे गलत परंपरा बताया।
वहीं, कांग्रेस की ओर से भाजपा के प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बताया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रही है।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। काफी देर तक चले नारेबाजी के दौर के बाद स्थिति को शांत कराया गया। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है।



