क्या BNSS की धारा 126 और 170 में गिरफ्तार अभिजीत दीपके जाएंगे तिहाड़ जेल, आज मजिस्ट्रेट के सामने हो रहें पेश
cjp abhijit deepke under preventive arrest by delhi police

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शुक्रवार को तिरंगा मार्च से पहले उनके घर से हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है। दीपके को शनिवार, 17 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है।
एक हफ्ते के भीतर दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। इससे पहले, मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर उन्हें हिरासत में लिया गया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे। प्रदर्शनकारियों ने उन पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
CJP ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा कि दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद से उनका उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है और उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही। पार्टी ने सवाल उठाया कि युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उसने कहा कि सभी नागरिकों को संविधान के तहत मिले अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
नेहा बोरा को 12 घंटे बाद छोड़ा गया
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शुक्रवार शाम जंतर-मंतर के पास हिरासत में लिया गया था। करीब 12 घंटे बाद, शनिवार तड़के उन्हें आरके पुरम थाने से रिहा कर दिया गया। रातभर छात्र संगठनों के सदस्य उनकी रिहाई की मांग करते रहे।
रिहाई के बाद नेहा बोरा ने एएनआई से कहा कि आम नागरिकों के साथ गंभीर अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि किस कानून या आदेश के तहत हिरासत में लिए गए लोगों को पूरी रात थाने में रखना सही ठहराया जा सकता है।
दो CJP सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद मार्च का ऐलान
तिरंगा मार्च की एक वजह CJP सदस्यों सौरभ दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी भी थी। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर जाने के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।



